फर्जी फ़ोटो से देश में घोला जा रहा नफ़रत का ज़हर

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ग्राउंड रिपोर्ट | न्यूज़ डेस्क

कभी वीडियो में आवाज़ बदलकर पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे तो कभी फोटोशॉप कर तस्वीरों से छेड़छाड़। नेताओं के जहरीले भाषणों से ये देश उभरा भी नहीं था कि सोशल मीडिया पर एक पूरा तंत्र देश को धर्म और जाती के नाम पर बांटने को सक्रीय हो गया है। आखिर ये लोग कौन हैं? इनका क्या मकसद है? इनके पीछे किसकी ताक़त है? देश में झूठ फैलाकर इन्हें क्या हासिल होगा?

हालिया मामला है एक तस्वीर का जिसमें कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी नागरिकता कानून के विरोध में इंडिया गेट पर जमिया में छात्रों के साथ हुई हिंसा का विरोध करने के लिए शांति पूर्ण प्रदर्शन कर रही थी। उनके पीछे बैठे प्रदर्शनकारियों के हाथ में नारे लिखी कुछ तख्तियां थी। इसमें से एक तख्ती को फोटोशॉप करके लिख दिया गया ‘CAB हटाओ इस देश को मुस्लिम राष्ट्र बनाओ‘ इस फोटो को Whatsapp और सोशल मीडिया साइट पर यह लिख कर प्रसारित किया गया-

आज कांग्रेस की राजघाट, नई दिल्ली में नागरिक संशोधन बिल के खिलाफ सभा हुई! गोल घेरे को जूम करके देखे, जिसमें लिखा है- कैब हटाओ! इस देश को मुस्लिम राष्ट्र बनाओ।

हक़ीक़त कुछ और ही है

इस फोटो के वायरल होने पर Altnews.in नें पड़ताल की और पाया कि इस तस्वीर के साथ छेड़छाड़ की गई है। उस प्रदर्शन की तमाम तस्वीरों को देखने के बाद साफ पता चलता है कि ऐसी कोई तख्ती प्रदर्शन में मौजूद नहीं थी। जबकि जो तख्ती उस फ़ोटो में दिखाई गई है उस पर असल में लिखा था ‘लाठी गोली नहीं रोज़गार रोटी दो’

जैसे ही यह तस्वीर व्हाट्सएप पर आई लोगों ने इसे खूब शेयर किया। व्हाट्सएप इस्तेमाल करने वाले पढ़े लिखे लोग, सच और झूठ में भेद करना नहीं जानते। उन्हें नहीं पता कि उनके द्वारा भेजी गई तस्वीर समाज में कितना भ्रम फैलाती हैं।

ऐसे ही लखनऊ की रैली में पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे वाला वीडियो खूब वायरल किया गया। इसे BJP के कई नेताओं ने भी शेयर किया। बाद में जब पड़ताल की गई तो पता चला पाकिस्तान जिंदाबाद नहीं काशिफ साब ज़िंदाबाद के नारे लग रहे थे। इसका पर्दाफाश भी ALTNews.in नें ही किया।

सूचनाओं के साथ सतर्कता ज़रूरी

ग्राउंड रिपोर्ट अपने पाठकों से निवेदन करता है कि सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले फ़ोटो और वीडियो की सत्यता की जांच ज़रूर करें। उन्हें शेयर करने से पहले दो बार सोचें कि उनके द्वारा साझा की गई जानकारी कहीं अफवाह फैलाने का काम तो नहीं कर रही। आप ऐसे फर्जी पोस्ट की सत्यता की जांच ALtNews.in जैसी वेबसाइट पर जाकर कर सकते हैं।