CAA पर बोले फ़िल्म अभिनेता जीशान- लोगों को धर्म के आधार पर बांटने के लिए लाया गया है ये बिल

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ग्राउंड रिपोर्ट । न्यूज़ डेस्क

नागरिकता संशोधन कानून (CAA) को लेकर देश भर में विरोध की आग लगातार बढ़ती ही जा रही है। जिस प्रकार से देश के अलग-अलग राज्यों से विरोध प्रदर्शन की ख़बरें सामने आ रहीं हैं। उसमें पूर्वोत्तर के राज्यों से प्रदर्शन के दौरान ज्यादा हिंसक भरी घटनाओं की खबरें आ रही है। अभी ताज़ा मामला दिल्ली के जामिया मिलिया यूनिवर्सिटी के छात्रों का है जिन्हें शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने बेरहमी से पीटा है। दिल्ली के सालमपुर में भी प्रदर्शन ने उग्र रूप ले लिया और तोड़फ़ोड की गई।

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जामिया मिलिया के प्रदर्शन कर रहे छात्रों के ऊपर इस तरह की पुलिसिया दमन के विरोध में आज प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में इसके खिलाफ प्रेस वार्ता बुलाई गयी थी। जिसमे पुलिस के हमले से घायल छात्रा और कई प्रोफ़ेसर के साथ फ़िल्म कलाकार और पूर्व ज़ामिया के छात्र ज़ीशान अय्यूब भी मौजूद थे। पिछले तीन दिनों से जामिया के छात्रों पर पुलिस का अत्याचार बढ़ते जा रहा है। जिसमें पुलिस ने हद पार करते हुए रविवार की रात प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठियां, आंसू गैस और गोलियां तक चलाई है। वहीं दिल्ली पुलिस ने जामिया के लाइब्रेरी में पढ़ रहे छात्रों तक को नहीं बख़्शा उन्हें लाइब्रेरी के अंदर कैद किया उन्हें पीटा और उनके ऊपर आंसू गैस और लाठियों से हमला किया।

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उन्होंने जामिया पुलिस द्वारा हमला किये जाने की घटना की कड़े शब्दों में निंदा की। ज़ीशान ने कहा-

जामिया मै पढ़ा हूँ उससे ज़्यादा मेरे लिए भावनात्मक बात यह है कि मै इसी इलाके में पैदा हुआ और मेरा पूरा खानदान जामिया से पढ़ा है। उन्होने कहा की सरकार की यह नागरिकता संशोधन क़ानून लोगों को धर्म के आधार पर बांटने की कोशिश करने के लिए लाया गया है। अय्यूब ने मीडिया को बताया कि ‘इस कानून से मुझे ऐसा डर लग रहा है की कोई मेरा घर बांटना चाहता है। क्यूंकि मेरी मां हिन्दू धर्म से ताल्लुक रखती है और मेरे पिता मुस्लिम धर्म से है। इस बिल से मुझे ऐसा लगता है की कोई मेरे मां-बाप को अलग करना चाहता है।’

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ज़ीशान ने आगे कहा कहा-

मेरी पत्नी खुद हिन्दू धर्म से है जिसको लेकर मेरे ऊपर बीजेपी और उनके संगठन लव जिहाद का आरोप भी लगाते रहे हैं। यह सरकार लगातार पहले जेएनयू उसके बाद अलीगढ़ और अब जामिया के छात्रों पर इस तरह की कार्रवाई कर रही है। सरकार का मंशा है कि नौजवान पढ़े ना ताकि उनसे कोई सवाल पूछ ना सके। क्यूंकि नौजवान ही इस देश में क्रान्ति ला सकते हैं।’