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SBI को छोड़कर सभी सरकारी बैंको का निजीकरण क्यों करने जा रही सरकार?

Bank Privatization

Bank Privatization : मोदी सरकार संसद के मानसून सत्र में सरकारी बैंकों के निजीकरण (Privatization of banks ) के लिए लाया जाने वाला बैंकिंग कानून संशोधन बिल ला रही है ( Public Sector Banks Privatization Bill)। इस बिल को लेकर बैंकिग सेक्टर (banking sector) से जुड़े लोग काफी परेशान नज़र आ रहे है। अगर सरकार ये बिल संसद में पास हो गया तब सरकारी बैंकों में अपनी पूरी हिस्सेदारी खत्म करने का रास्ता खुल जायेगा।

Bank Privatization

नीति आयोग (NITI Aayog) के पूर्व उपाध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया (Arvind Panagariya) और NCAER की पूनम गुप्ता ने सरकारी बैंकों को लेकर एक रिपोर्ट तैयार की है। मोदी सरकार को सुझाव दिया गया है कि SBI को छोड़कर सभी सरकारी बैंकों का निजीकरण कर देना चाहिए।

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इकनॉमिक टाइम्स की खबर के मुताबिक़ नरेंद्र मोदी सरकार, सरकारी बैंकों से अपनी पूरी हिस्सेदारी बेचने से जुड़ा नया बिल आगामी संसद सत्र में लाने की तैयारी कर रही है। बिल के पारित होने के बाद सरकारी बैंकों में अपनी पूरी हिस्सेदारी खत्म ( Bank Privatization) करने का रास्ता खुल जाएगा।

Bank Privatization

मोदी सरकार पूर्व उपाध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया और NCAER की पूनम गुप्ता के सुझाव पर अमल करती है तो PNB, B0B जैसे बैंकों की हिस्सेदारी बेच देगी। वहीं बैंकिंग कंपनी एक्ट, 1970 के मुताबिक सरकारी बैंकों में सरकार की 51 फीसदी की हिस्सेदारी ज़रूरी है।

बैंकिंग कंपनी एक्ट 1970 में अभी जो कानून कायदे हैं उसके मुताबिक सरकार को सरकारी बैकों में अपनी कम से कम 51% हिस्सेदारी रखनी जरूरी है। बिल पास हुआ तो ये बाध्यता ख़त्म हो जाएगी। धीरे-धीरे सरकार बैंको के निजीकरण करने में कामयाब हो जाएगी।

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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पिछले साल बजट में कहा था कि सरकार दो सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और एक जनरल इंश्योरेंस कंपनी का निजीकरण करेगी। इसको साथ कानून में संशोधन भी किया जाएगा।

सरकारी बैंक या सार्वजनिक का स्वामित्व सरकार के पास होता है। सरकार इन बैंको की प्रमुख शेयर होल्डर होती है जिसके पास बैंक का 51% से अधिक हिस्सा होता है। आइये देश में कितने सरकारी बैंक हैं।

भारत में कितने सरकारी बैंक हैं

1. भारतीय स्टेट बैंक

स्थापना- 1955 मुंबई, भारत

2. पंजाब नेशनल बैंक

स्थापना- 1908 नई दिल्ली, भारत

3. बैंक ऑफ बड़ौदा

स्थापना- 1908 गुजरात, भारत

4. केनरा बैंक

स्थापना- 1906 बैंगलोर, भारत

5. यूनियन बैंक ऑफ इंडिया

स्थापना- 1919 मुंबई, भारत

6. बैंक ऑफ इंडिया

स्थापना- 1906 मुंबई, भारत

7. इंडियन बैंक

स्थापना- 1907 चेन्नई, भारत

8. सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया

स्थापना- 1911 मुंबई, भारत

9. इंडियन ओवरसीज बैंक

स्थापना- 1937 चेन्नई, भारत

10. यूको बैंक

स्थापना- 1943 कोलकाता, भारत

11. बैंक ऑफ महाराष्ट्र

स्थापना- 1935 पुणे, भारत

12. पंजाब एंड सिंध बैंक

स्थापना- 1894 राजेंद्र प्लेस नई दिल्ली, भारत

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