सुवेंदु अधिकारी

बंगाल की राजनीति में भूचाल लाने वाले ममता के करीबी नेता सुवेंदु अधिकारी ने छोड़ी विधायकी

Sharing is Important
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी सरकार के बेहद करीबी रहे टीएमसी नेता सुवेंदु अधिकारी ने बुधवार को अपनी विधानसभा सदस्यता से इस्तीफा दे दिया।  नंदीग्राम से तृणमूल के विधायक शुभेंदु अधिकारी के लिए बीजेपी का मंच सजाया जा रहा है। वे मिदनापुर में 19 दिसंबर को बीजेपी में शामिल हो सकते हैं।

सुवेंदु पूर्व में ममता बनर्जी सरकार के ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर भी रहे थे और उन्होंने हाल ही में अपना मंत्री पद छोड़ा था। यह माना जा रहा है कि वह टीएमसी के कई नेताओं को बीजेपी में जॉइन कराएंगे। माना जा रहा है कि सुवेंदु भी बीजेपी का हिस्सा बनेंगे और शाह के साथ आगामी बंगाल चुनाव की रणनीति में शामिल होंगे। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह इसी हफ़्ते फ़िर बंगाल जा रहे हैं। माना जा रहा है कि उनके इस दौरे पर शुभेंदु अधिकारी बीजेपी में शामिल हो सकते हैं।

READ:  Suvendu Adhikari: बंगाल की राजनीति में भूचाल लाने वाला नेता

पश्चिम बंगाल की राजनीति का वो चेहरा बन गया है, जिसकी अगली चाल 2021 के चुनावों का रुख मोड़ सकती है। जी हां सुवेंदु अधिकारी ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी के कद्दावर नेता थे। उन्होंने हाल ही में पार्टी और मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। अब यह कयास लगाए जा रहे हैं कि वो जल्द ही बीजेपी जॉईन कर सकते हैं। अगर ऐसा होता है तो यह ममता बनर्जी के लिए बड़ा झटका साबित होगा और बंगाल में सरकार बनाने के लिए पुरजोर कोशिश कर रही बीजेपी के लिए लॉटरी। तो आईये जानते हैं कि आखिर सुवेंदु अधिकारी में दम कितना है।

कौन हैं Suvendu Adhikari?

पश्चिम बंगाल के पूर्वी मिदनापुर में अच्छा खासा जनाधार रखने वाले राजनीतिक घराने से आने वाले सुवेंदु अधिकारी आजकल चर्चाओं में हैं। सुवेंदु अधिकारी तीन बार लोकसभा सांसद रह चुके शिशिर अधिकारी के बेटे हैं। शुरुवात में कांग्रेस से जुड़े रहे सुवेंदु 1998 में त्रिणमूल कांग्रेस के गठन के बाद ममता बनर्जी के साथ आ गए। नंदीग्राम में ज़मीन अधिग्रहण के खिलाफ आंदोलन में सुवेंदु ने ममता बनर्जी का खूब साथ दिया, इस आंदोलन का खाका सुवेंदु अधिकारी ने ही तैयार किया था। इसी आंदोलन के ही बदौलत टीएमसी ने पश्चिम बंगाल में 34 साल से चले आ रहे कम्युनिस्ट राज को खत्म कर अपनी सरकार बनाई थी।

READ:  मज़दूरों के वापस घर लौटने से भारतीय अर्थव्यवस्था को हो सकता है 3 लाख करोड़ से ज़्यादा का नुक़सान !

MSP का झुनझुना और डीज़ल की आड़ में बड़ा धोखा !

सुवेंदु अधिकारी टीएमसी के कद्दावर नेता रहे हैं उन्हें अगर ममता बेनर्जी का दाहिना हाथ कहा जाए तो गलत नहीं होगा। सुवेंदु अधिकारी बंगाल में परिवहन, सिंचाई और जल संसाधन मंत्री थे। वह 15 वीं और 16वीं लोकसभा के सदस्य भी रह चुके हैं।

क्या है Suvendu Adhikari की बगावत की वजह?

सुवेंदु अधिकारी की नाराज़गी की मुख्य वजह पार्टी में अहमियत कम होना है। माना जा रहा है कि ममता बेनर्जी अपनी पार्टी के पुराने नेताओं से ज्यादा भरोसा अब अपनी भतीजे अभिषेक बनर्जी पर कर रही हैं। अघोषित रुप से अभिषेक बनर्जी ममता के उत्तराधिकारी भी बन चुके हैं। ऐसे में पार्टी के स्थापना के समय से अपनी चप्पलें घिसते आए नेता ममता बनर्जी से नाराज़ हैं।

क्या बीजेपी के साथ जाएंगे सुवेंदु?

पश्चिम बंगाल में बीजेपी के सांसद अर्जुन सिंह ने दावा किया है कि सुवेंदु अधिकारी अगर भाजपा में आए तो चुनाव पहले ही राज्य में ममता सरकार गिर जाएगी। इसके साथ ही सुवेंदु के बीजेपी में जाने की हलचल और तेज़ हो गई है। आपको बता दें कि सितंबर 2014 में अधिकारी से सीबीआई शारदा चिट फंड मामले में पूछताछ कर चुकी है। साथ ही नारदा स्कैम की आंच भी उनपर है। ऐसे में बीजेपी के साथ जाना उनके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है साथ ही बीजेपी में जाकर वो मनचाहा पद हासिल कर सकते हैं।

READ:  रोज़गार का सशक्त माध्यम बन सकता है पशुधन

सुवेंदु अधिकारी पूर्वी मिदनापुर में प्रभावशाली नेता हैं। पश्चिमी मिदनापुर, बांकुरा, पुरुलिया, झारग्राम और बीरभूमि के कुछ हिस्सों समेत कुल 35 विधानसभा सीटों पर उनका रुतबा है। अगर सुवेंदु बीजेपी का दामन थामेंगे तो टीएमसी दो फाड़ हो जाएगी क्योंकि जैसा कि बीजेपी सांसद ने कहा कि कई टीएमसी नेता भी सुवेंदु के साथ बीजेपी में आ जाएंगे। हो सकता है कि इससे टीएमसी की सरकार चुनाव पहले ही गिरा जाए।

Ground Report के साथ फेसबुकट्विटर और वॉट्सएप के माध्यम से जुड़ सकते हैं और अपनी राय हमें [email protected] पर मेल कर सकते हैं।