भारत की लोकप्रिय नेता सुषमा स्वराज का निधन

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ग्राउंड रिपोर्ट | न्यूज़ डेस्क

भारत की सबसे लोकप्रिय नेता और मोदी सरकार में विदेश मंत्री रहीं सुषमा स्वराज का दिल्ली के एम्स अस्पताल में निधन हो गया।हार्ट अटैक के बाद उन्हें दिल्ली के एम्स में भर्ती कराया गया था।

सुषमा स्वराज भाजपा की कद्दावर निताओं में से एक थीं। मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में जब वो विदेश मंत्री बनीं तो उन्होंने अपनी कार्यशैली से सबका दिल जीत लिया था। इंदिरा गांधी के बाद विदेश मंत्रालय संभालने वाली वो पहली महिला थीं।

किडनी ट्रांसप्लांट के बाद लगातार उनके स्वास्थ्य में गिरावट हो रही थी, इसी वजह से उन्होंने 2019 का लोकसभा चुनाव नहीं लड़ा और मंत्री मंडल का हिस्सा भी नहीं बनी। सुषमा स्वराज के विपक्षी दल के नेता भी मुरीद थे। उन्होंने अपने कार्य से विदेश में रह रहे भारतीयों का भी खूब दिल जीता। उन्होंने कई मौकों पर लोगों को त्वरित मदद पहुंचाकर वाहवाही बटोरी।

सुषमा स्वराज का जन्म हरियाणा के अंबाला में 14 फरवरी 1953 में हुआ था। उनके पिता जनसंघ के सदस्य थे। सुषमा स्वराज ने अपने राजनीतिक सफर की शुरुवात अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से की। इमरजेंसी के समय सुषमा स्वराज जय प्रकाश नारायण के आंदोलन से जुड़ी और इमरजेंसी के बाद उन्होंने भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया। हरियाणा से पहली बार उन्होंने विधानसभा चुनाव जीता। फिर वो केंद्रीय राजनीति में आ गई। 1998 में सुषमा स्वराज दिल्ली की पहली महिला मुख्यमंत्री बनी। लेकिन महंगाई की वजह से अगले विधानसभा चुनाव में उनकी सरकार हार गई। इस्तीफा देकर सुषमा स्वराज फिर केंद्रीय राजनीति से जुड़ गयीं। ग्यारवीं लोकसभा में दक्षिणी दिल्ली से चुनाव जीतकर सुषमा स्वराज 13 दिन की अटल सरकार में सूचना प्रसारण मंत्री बनी। अटल सरकार जब फिर चुनाव जीत कर आई तो सुषमा स्वराज को केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल किया गया। विपक्ष में रहकर भी सुषमा स्वराज ने आपने भाषणों से संसद में खूब तारीफें बटोरी। उनकी धारदार भाषण शैली का पूरा देश मुरीद था। बतौर विदेश मंत्री भी उन्होंने सबका दिल जीता।

सुषमा स्वराज जैसे नेताओं की कमी इस देश को हमेशा खलेगी। यह न सिर्फ भाजपा बल्कि पूरे देश के लिए बड़ी क्षति है।

सुषमा स्वराज के निधन के बाद कई नेताओं और फिल्मी हस्तियों ने शोक व्यक्त किया..