Surely curbing discrimination and stigma is increasing due to Corona: Pushpendra Pal Singh

कोरोना की वजह से बढ़ रहे भेदभाव और लांछन पर अंकुश लगाना जरूरी: पुष्पेंद्र पाल सिंह

Sharing is Important
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

देश और दुनिया में बढ़ते कोरोना संक्रमण के प्रकरणों के साथ ही कोरोना आधारित भेदभाव और लांछन के प्रकरण भी लगातार प्रकाश में आ रहे हैं। इस विषय में शासन और विभिन्न संस्थाएं लगातार कार्य कर रहीं हैं। आमजन को इस विषय में जागरूक बनाकर कोरोना संक्रमितों, और सेवा प्रदाताओं को भेदभाव और लांछन से बचाने के लिए आवश्यक रणनीति तय करने के लिए आज एक राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित हुई। डिजिटल माध्यम से आयोजित इस संगोष्ठी का आयोजन यूनिसेफ और पब्लिक रिलेशन सोसायटी आफ इण्डिया के भोपाल चेप्टर द्वारा संयुक्त रूप से किया गया जिसमे यूनिसेफ प्रतिनिधियों के अलावा पब्लिक रिलेशन सोसायटी ऑफ़ इण्डिया के 17 प्रदेशों के 25 चेप्टर के प्रतिनिधियों ने भाग लिया । प्रतिभागियों में विभिन्न शासकीय और निजी क्षेत्र में कार्यरत जनसंपर्क विशेषज्ञ शामिल थे। संगोष्ठी में स्वागत उद्बोधन पी आर एस आई की राष्ट्रीय काउन्सिल के सदस्य श्री मनोज द्विवेदी ने दिया तथा आभार प्रदर्शन मध्य प्रदेश इकाई के सदस्य श्री मंजीत गुप्ता ने किया।

अफवाहों पर विराम लगाना चुनौती : सिद्धार्थ श्रेष्ठ
संगोष्ठी को सम्बोषित करते हुए यूनिसेफ के राष्ट्रीय संचार प्रमुख श्री सिद्धार्थ श्रेष्ठ ने कहा कि हर महामारी के साथ कुछ अन्य समस्याएँ भी आती हैं। कोरोना के साथ भी अब भेदभाव और लांछन जैसी सामाजिक बुराइयां भी सामने आ रही हैं। इसका प्रमुख कारण लोगों के बीच सही जानकारी का आभाव और अफवाहों तथा गलत जानकारियों का प्रवाह है। इस हेतु सोशल मीडिया पर अप्रमाणिक सूचानाओं का प्रसार रोकते हुए गलत जानकारियों का खंडन करते हुए सही और वैज्ञानिक जानकारियों को लोगों तक पहुचाना होगा। इस दिशा में पब्लिक रिलेशन सोसायटी जैसी प्रभावशाली संस्थाएं एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

READ:  मंदसौर गोलीकांड विशेष: तीन साल पहले पुलिस की गोलियों से मारे गए थे 6 किसान, अब भी है न्याय का इंतजार!

सामजिक सरोकारों की संस्था रही है पी आर एस आई : डॉ अजीत पाठक
पब्लिक रिलेशन सोसायटी आफ इण्डिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ। अजीत पाठक ने अपने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से कोरोना महामारी से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पब्लिक रिलेशन सोसायटी आफ इण्डिया हमेशा से सामाजिक सरोकारों से जुडी संस्था रही है जो समाज के अलग अलग पहलुओं को प्रभावी ढंग से संबोधित करती है। देश के 17 प्रदेशों में इस महामारी के दौर में संस्था निरंतर सक्रीय रही है। कोरोना आधारित लांछन और भेदभाव के खात्मे में यूनिसेफ के साथ जुड़कर काम करना गौरव की बात होगी।

READ:  CORONA: देश में 21 दिन तक 'कर्फ्यू', यहां पढ़ें आपके लिए क्या खुला है और क्या बंद रहेगा?

मीडिया को संभालना होगा दायित्व: पुष्पेन्द्र पाल सिंह
रोजगार और निर्माण के सम्पादक और पी आर एस आई के मध्य प्रदेश चेप्टर के अध्यक्ष श्री पुष्पेन्द्र पाल सिंह ने कहा कि ऐसे दौर में मूल्य आधारित जिम्मेदार पत्रिकारिता की आवश्यकता है। लोग सूचानाओं के लिए मीडिया पर निर्भर हैं, ऐसे में हमारे विचार, भाषा और मंतव्यों में स्पष्टता की बहुत ज़रुरत है। लोगों तक सही और वैज्ञानिक जानकारियाँ पंहुचा कर ही हम भेदभाव और लांछन जैसी सामाजिक बुराइयों पर अंकुश लगा सकते हैं।

कई विषयों पर भागीदारी संभव: संजय सिंह
वेबनार का संचालन कर रहे यूनिसेफ मध्य प्रदेश के संचार विशेषज्ञ श्री संजय सिंह ने कहा कि कोरोना संबंधी जागरूकता हेतु यूनिसेफ की पी आर एस आई के साथ राष्टीय स्तर की भागी दारी की संभावना है। यूनिसेफ के राष्ट्रीय मुख्यालय की सहमति से एक एम ओ यू किया जाएगा। पूरे देश में भेदभाव और लांछन कम करने की दिशा में हो रहे अच्छे कार्यों और सफलता की कहानियों के दस्तावेजीकरण और संचार सामग्रियों के राष्ट्रव्यापी प्रसार, जनसंपर्क कर्मियों के क्षमता वर्धन और जन भावनाओं के शोध कार्य में में पी आर एस आई का सहयोग महत्वपूर्ण होगा।

READ:  IAS Tina Dabi Divorce: टीना डाबी के जन्म से लेकर IAS बनने तक और शादी से लेकर तलाक तक पढ़ें 10 किस्से

You can connect with Ground Report on FacebookTwitter and Whatsapp, and mail us at GReport2018@gmail.com to send us your suggestions and writeups

%d bloggers like this: