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लाल किले पर हुई हिंसा पर सुप्रीम कोर्ट का दखल से इंकार, कहा सरकार के पास जाएं

लाल किले पर हुई हिंसा की जांच में दखल से सुप्रीम कोर्ट का इंकार
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गणतंत्र दिवस के दिन आराजक हुई किसानों की ट्रैक्टर रैली और उस दौरान लाल किले पर हुई हिंसा की जांच की मांग करने वाली याचिका पर दखल देने से सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) ने इंकार किया है। कोर्ट में दायर की गई याचिका में घटना की जांच के लिए रिटार्यड जज की अध्यक्षता में आयोग बनाने की मांग की गई थी। याचिका में 26 जनवरी को राष्ट्रीय ध्वज के अपमान के लिए जिम्मेदार लोगों अथवा संगठनों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज करने के वास्ते संबंधित अधिकारियों को निर्देश देने का भी अनुरोध किया गया था।

चीफ जस्टिस की अगुवाई वाली पीठ ने कहा कि सरकार इसकी जांच उचित ढंग से कर रही है। प्रधानमंत्री ने कहा है कि कानून अपना काम करेगा। इसका मतलब है कि सरकार इस मामले में पूछताछ कर रही है।

आपको बता दें कि 26 जनवरी को किसानों द्वारा आयोजित की गई ट्रैक्टर रैली (tractor Rally) आराजक हो गई थी। इसके बाद उग्र भीड़ ने लाल किले पर कब्ज़ा कर वहां अपना झंडा लगा दिया था। इस दौरान पुलिस कर्मियों के साथ भी मारपीट की गई थी जिसमें 350 से अधिक पुलिस के जवान घायल हो गए थे। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने कार्यक्रम मन की बात में कहा था कि तिरंगे के अपमान से देश दुखी है। कानून अपना काम करेगा। गणतंत्र दिवस के दिन हुई हिंसा में 200 से अधिक लोगों पर एफआईआर की गई है। इसमें किसान नेता भी शामिल हैं।

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देश में पिछले 70 दिनों से चल रहे किसान आंदोलन (Farmers Protest) में सरकार और किसानों के बीच रास्ता निकालने के लिए सुप्रीम कोर्ट सुनवाई कर रहा है। किसानों का कहना है कि कृषि कानूनों को लेकर वे केवल सरकार से बात करेंगे। जब दिल्ली पुलिस द्वारा गणतंत्र दिवस पर ट्रैक्टर रैली को इजाज़त देने को लेकर सुप्रीम कोर्ट से पूछा गया था तब भी कोर्ट ने यह दिल्ली पुलिस के विवेक पर छोड़ दिया था।

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