Supreme Court

Supreme Court: वरिष्ठ पत्रकार विनोद दुआ (Vinod Dua) को सुप्रीम कोर्ट से मिली राहत, हिमाचल में दर्ज राजद्रोह केस को रद्द किया

Sharing is Important
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

Supreme Court: वरिष्ठ पत्रकार विनोद दुआ (Vinod Dua) को एक बड़ी राहत देते हुए, सुप्रीम कोर्ट ने आज अपने फैसले में, उनके यूट्यूब चैनल में उनकी कथित आरोपों वाली टिप्पणियों के लिए शिमला, हिमाचल प्रदेश में उनके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी FIR को रद्द कर दिया। अदालत ने देशद्रोह के मामले को रद्द करने की मांग करने वाली उनकी याचिका पर फैसला सुनाया। दुआ ने खुद अपना फैसला सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) से रद्द करने को कहा।

केदार नाथ सिंह के फैसले के अनुसार हर पत्रकार की रक्षा की जाएगी

सुप्रीम कोर्ट ने कार्यवाही को रद्द करते हुए कहा कि “केदार नाथ सिंह के फैसले के अनुसार हर पत्रकार की रक्षा की जाएगी।” जस्टिस उदय उमेश ललित की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) की एक डिविजन बेंच, और जस्टिस विनीत सरन भी शामिल हैं, जिन्होंने 06 अक्टूबर को अपना फैसला सुरक्षित रखा था और अदालत ने किसी मुख्यमंत्री या पीएम पर टिप्पणी न करने की भी मांग की थी।

Twitter ने दिया RSS प्रमुख को झटका, मोहन भागवत के अकाउंट से हटाया ब्लू टिक

अदालत ने क्या कहा

READ:  ICC का बड़ा एलान चैंपियन ट्रॉफी की वापसी, 2031 तक के सभी फॉर्मेट का एलान

आपको बता दें कि, अदालत ने विनोद दुआ (Vinod Dua) की दूसरी प्रार्थना को खारिज कर दिया। जिसमें 10 साल या उससे अधिक के कई पत्रकारों के खिलाफ लगाए गए राजद्रोह के आरोपों की जांच के लिए प्रत्येक राज्य में एक हाई लेवल समिति गठित करने के लिए सुप्रीम कोर्ट( Supreme Court) से निर्देश देने की मांग की गई थी जिससे इस मिटींग में शामिल सभी पत्रकारों के खिलाफ सभी लगाए गयें आरोपों का पता चल सके।

SC ने कहा- हर जर्नलिस्ट संरक्षण का हकदार

सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस यूयू ललित और जस्टिस विनीत सरन की बेंच ने साल 1962 के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि हर पत्रकार को ऐसे आरोपों से संरक्षण मिला हुआ है। हर पत्रकार को ऐसे आरोपों से बचाता है। भाजपा नेता की शिकायत के आधार पर विनोद दुआ (Vinod Dua) पर पिछले साल दिल्ली दंगों पर उनके शो को लेकर हिमाचल प्रदेश में राजद्रोह का आरोप लगाया गया था. उन पर फर्जी खबरें फैलाने, सार्वजनिक उपद्रव फैलाने, मानहानि करने वाली सामग्री छापने का आरोप लगाया गया था और उनको गलत ठहराने की कोशिश की भी की थी।

READ:  Pain killer During Covid-19: कोविड के दौरान कौन सा पेन किलर है सुरक्षित

jüSTa Birding Resort: बनकर तैयार, पहाड़ियों में ट्रेकिंग और डेस्टिनेशन वेडिंग का ये है बेस्ट ऑप्शन

क्या थे विनोद दुआ पर आरोप

FIR में आरोप लगाया गया था कि ‘विनोद दुआ शो’ के दौरान पत्रकार ने जो टिप्पणी की थीं, वो सांप्रदायिक नफरत फैलाने और शांति भंग कर सकती थी. दुआ का ये शो 30 मार्च 2020 को स्ट्रीम हुआ था।

Ground Report के साथ फेसबुकट्विटर और वॉट्सएप के माध्यम से जुड़ सकते हैं और अपनी राय हमें Greport2018@Gmail.Com पर मेल कर सकते हैं।

%d bloggers like this: