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जंगी हथियारों पर ट्रिलियनों डॉलर खर्च करने वाली दुनिया आज वेंटीलेटर और दवाइयों की भीख की मांग रही ?

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ग्राउंड रिपोर्ट । नेहाल रिज़वी


आज दुनिया कोरोनावायरस नामक एक जानलेवा बीमारी से जंग लड़ती दिखाई दे रही है। ख़बरों के मुताबिक़ चाइना से फैली इस बीमारी ने आज अपने पैर पूरी दुनिया में पसार लिए हैं। दुनियाभर में अब तक 9 लाख से ज़्यादा लोग इसकी चपेट में आ चुके हैं, वहीं 45 हज़ार से ज़्यादा मौत हो चुकी है। प्रतिदिन ये वायरस तेज़ी से दुनियाभर के देशों में फैल रहा है। सूपर पॉवर कहा जाने वाला अमेरिका ने भी इस बीमारी के आगे घुठने टेक दिए हैं। ये कोई दो मुल्कों के बीच जंग नहीं है, न ही कोई विश्वयुद्ध है जहां आसमानों से जंगी जहाज़ बम बरसा रहे हों। न ही बड़ी-बड़ी मिसाइलें गरज रहीं हैं। और न ही हर तरफ़ जंगी हथियारों की आवाज़ इंसान को डरा रही है।

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ये महज़ एक वायरस है जिसने जंगी हथियारों और परमाणु बम पर ट्रिलियनों डॉलर खर्च करने वाली दुनिया को दवाइयों और वेंटीलेटरों की भीख मांगने के लिए मजबूर कर दिया। ख़ासकर वे देश जो मौजूदा समय विकसित और आर्थिक शक्ति के रूप से जाने जाते हैं। आज वे देश इस बीमारी से सबसे अधिक जूझते दिखाई दे रहे हैं।

क्या असल सच्चाई दुनियां से छिपा रहा चीन

सबसे पहले बात चीन की जहां से इस वायरस के फैलने की शुरूआत हुई। कई महीनों से हर सुबह तीन बजे चीन में अधिकारी कोरोना वायरस संक्रमण के आँकड़े जारी करते थे ताकि दुनिया इसके बारे में पता चलता रहे। सात अप्रैल तक चीन में कोरोना वायरस संक्रमण के कुल 81740 मामले सामने आए हैं और 3331 की मौत हो चुकी है। मगर लोगों का कहना है कि चीन दुनिया से असल मौत के आंकड़े छिपा रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के महानिदेशक डॉ. टेड्रोस ऐडहेनॉम गेब्रीयेसोस ने चीन के प्रयासों की तारीफ़ की और कहा कि जिस तेज़ी से चीन ने इस महामारी का पता लगाया और लगातार पारदर्शिता बरती वो सराहनीय है।

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कहते हैं जिनका सूरज कभी डूबता ही नहीं, वे भी आज इस संक्रमण से टूट गए। ब्रिटेन में कोरोना वायरस ने ज़बरदस्त कहर ढहा रखा है। बुधवार 7 अप्रेल को ब्रिटेन में 563 लोगों की मौत हुई। इसके साथ ही ब्रिटेन में कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या बढ़कर 7,978 हो गई है। ब्रिटेन के हेल्थ डिपार्टमेंट ने बताया कि अब तक 65,077 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। इसमें ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन भी शामिल हैं। ब्रिटेन भी अपनी हेल्थ सेक्टर पर पानी की तरह पैसा बहा रहा है। वेंटीलेटरों को ख़रीदने की होड़ में ब्रिटेन भी शामिल है । कोरोना वायरस के मरीजों के इलाज के लिए ब्रिटेन ने सेना की मदद से 10 दिन में 4000 बेड का इमरजेंसी अस्पताल तैयार कर लिया है।

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इटली में अब तक 18279 लोग गवां चुके हैं जान

इस वायरस के कहर से इटली बुरी तरह से प्रभावित है। इटली में लगातार हर रोज़ लगभग 700 से 800 के बीच लोगों ने इस वायरस की चपेट में आकर जान गवां रहे हैं । इटली में इस समय इस वायरस की चपेट में 143626 लोग संक्रमित हो चुके हैं और 18279 लोग अपनी जान गवां चुके हैं। शुरूआत में इटली में क़रीब 3000 लोग एक महीने में जान गवां रहे थे । दुनिया में कोरोना वायरस का इटली के बाद सबसे ज्यादा कहर स्पेन में देखने को मिल रहा है। इस घातक वायरस से स्पेन में भी मौत का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। पिछले 24 घंटे में स्पेन में कोरोना वायरस से 864 मौतें हो चुकी हैं। इस तरह अब तक स्पेन में कोरोना वायरस से मरने वालों का आंकड़ा 9000 हो चुका है।

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ख़ुद को बात-बात पर सुपर पॉवर बताने वाला अमेरिका भी आज इस वायरस के आगे बिखरता दिख रहा है । दुनियां में जंगी हथियारों पर सबसे ज़्यादा पैसा ख़र्च करने वाला देश आज इस बामारी से सबसे ज़्यादा जूझता दिखाई दे रहा है । जंगी हथियारों के दम पर दुनियां को धमकाने वाला अमेरिका आज दवाइयों के लिए गिड़गिड़ाता और घमकाता नज़र आ रहा है । अमेरिका में कोरोना वायरस से मौत के आंकड़ें तेजी से बढ़ रहे हैं। यहां अभी तक 4076 लोग मौत के मुंह में समा चुके हैं। तीन दिन में मौत का यह आंकड़ा दोगुना हो चुका है। शनिवार को अमेरिका में कोरोना से मरने वालों की संख्या 2010 थी। अब तक 4,69,021 संक्रमित हो चुके हैं और 16,675 लोग अपनी जान गवां चुके हैं।

लॉकडाउन करके इससे बचा जाना पर्याप्त नहीं

अब बात अपने भारत की करता हूं। यूं तो सारी दुनियां इस वायरस की चपेट में है और हर देश के नागरिक अपनी जान गंवा रहे हैं। कोरोना वायरस के कारण देश में मरने वाले लोगों की संख्या 199 पहुंच गई है और संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर6,412 हो गई है। बड़ा सवाल ये है कि जब विकसित कहे जाने वाले देश इस बीमारी के आगे विफल दिखाई दिए हैं तब भारत जैसा देश इससे कैसे लड़ सकेगा ? क्या महज़ लॉकडाउन करके हम इसको हरा पाएंगे ? दुनियां में कोरोना टेस्टिंग के मामले में हम बेहद ही पीछे हैं। WHO का कहना है कि केवल लॉकडाउन करके इससे बचा जाना संभव नहीं। कोरोना की टेस्टिंग ही सही तरीक़ा है इससे पार पाने का ।

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अब देश में संदिग्धों की टेस्टिंग बड़े पैमाने पर करने की तैयारी है, इसमें टीबी के लिए होने वाली जांच और ऐंटी बॉडीज टेस्ट को भी शामिल किया जाना है। वर्तमान में आईसीएमआर के अधीन काम करने वाले लैब प्रतिदिन 10,000 टेस्ट कर रहे हैं। अगले 3 दिनों में इसे 20,000 तक पहुंचाने की योजना है। इसी तरह अगले कुछ हफ्तों में इसी अनुपात में टेस्टिंग कपैसिटी बढ़ाने की तैयारी आईसीएमआर कर रहा है।

सवाल जो इस बीमारी के बाद दुनिया के सामने होंगे

जंगी हथियारों पर सालाना 15 से 20 ट्रिलियन डॉलर खर्च करने वाली दुनिया आज दवाइयों और वेंटिलेटरों की भीख क्यों मांग रही है ? इस दुनियां ने पैसा खर्च करके इतने ख़तरनाक हथियार बना लिए हैं कि पूरी दुनिया को कई बार ख़त्म किया जा सकता है । एक-एक इंसान को दसियों बार मारा जा सकता है । आज दुनियाभऱ के 40 फीसदी खूफिया इदारे फंड जमा करके हथियार बनाने के लिए रखते हैं। आज हथियार बनाने वाली फैक्ट्रियां मेडिकल किट बनाने में लगी हुई हैं । भारत के एक शहर कानपुर में जंगी हथियार बनाने वाली एक आर्डिनेंस फैक्ट्री हथियार की जगह मेडिकल किट बना रही है । सवालों की लंबी लिस्ट है जिनका जवाब आने वाला वक्त ही देगा…