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कृषि छात्रों का सरकार पर हमला, ‘जेट’ एंट्रेंस फ़ीस कम करने की मांग

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कृषि यूनिवर्सिटी कोटा के एंट्रेंस फॉर्म की महंगी एंट्रेंस फीस के खिलाफ छात्रों ने अपना बिगुल बजा दिया है. राजस्थान सरकार के अंतर्गत आने वाली कृषि यूनिवर्सिटी के एंट्रेंस फॉर्म की फीस 2800 से 3500 रुपये है जिसके खिलाफ छात्रों ने सवालों की लम्बी लिस्ट सरकार के सामने रखदी है. आपको बता दें कि ये सभी कृषि के छात्र हैं और एंट्रेंस की फीस कम करने की मांग कर रहे हैं. छात्र ट्विटर व अन्य सोशल मीडिया के ज़रिये सरकार से सवाल पूछ रहे हैं और #कृषि_विश्वविद्यालय_लूट_बंद_करो हैशटैग चलाकर लोगो तक अपनी बात पंहुचा रहे हैं.

सोशल मीडिया पर इस मुहिम को चला रहे सुनील सोलंकी से ग्राउंड रिपोर्ट ने बात की.

सोलंकी ने बताया कि “कोरोना की महामारी व लॉकडाउन के प्रभाव ने छात्रों व उनके अभिभावकों को कॉलेज व् स्कूल की फ़ीस भरने में असमर्थ कर दिया है. जो फ़ीस सरकार छात्रों से एंट्रेंस फॉर्म के ज़रिये ले चुकी है, उसे कॉलेज की फ़ीस में एडजस्ट किया जाए.”

एग्रीकल्चर में बीएससी, एमएससी व पीएचडी के लिए एप्लीकेशन फॉर्म लगभग 2800 से 3500 तक का है. सामान्य वर्ग से आने वाले छात्र इतनी एंट्रेंस फ़ीस भरने में सक्षम नहीं होते. ये जानते हुए भी सरकार ने अभी तक इसमें कोई बदलाव नहीं किया है. आपको बता दें कि ये फ़ीस कई सालों से इतनी ही है. पिछली बीजेपी सरकार ने भीइस मुद्दे को नज़रअंदाज़ किया. लेकिन छात्रों की आवाज़ इस बार दूर तक जाने के आसार लग रहे हैं.

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आपको बता दें जेट यानि जॉइंट एंट्रेंस टेस्ट का फॉर्म, जनरल, ओबीसी के लिए 2850 रुपये का है. वहीँ एससी एसटी छात्रों के लिए ये फ़ीस 1350 रुपये है. छात्रों का दावा है कि ये फीस जेईई के फॉर्म की चार गुना है. जेट परीक्षा का आयोजन कोटा कृषि विश्वविद्यालय की और से किया जाता है. प्रदेशभर में हर साल लगभग 30 हज़ार विद्यार्थी जेट की परीक्षा देते हैं. इस परीक्षा के ज़रिये 1200 सरकारी और लगभग तीन हज़ार प्राइवेट कॉलेजों में विद्यार्थी एडमिशन लेते हैं.

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उधर कई और छात्र सरकार से महंगी फ़ीस पर सवाल कर रहे हैं.

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