ENVIRONMENT

climate risk index

भारत जलवायु जोखिम सूचकांक के शीर्ष दस देशों में शामिल

जलवायु जोखिम सूचकांक: हमारे आपके समाज में आज भी ऐसे तमाम लोग हैं जो जलवायु परिवर्तन को अपनी समस्या नहीं मानते और किसी दूर देश की परेशानी समझते हैं। लेकिन ऐसे लोगों के लिए आज जारी क्लाइमेट रिस्क इंडेक्स यक़ीनन हैरान करने वाला होगा। यह इंडेक्स बताता है कि जलवायु परिवर्तन को ले कर कौन सा …

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climate change

जलवायु परिवर्तन से लड़ाई में स्वैच्छिक कार्बन बाज़ारों का विस्तार ज़रूरी

जलवायु परिवर्तन: पैरिस समझौते के क्रम में ग्लोबल वार्मिंग को 1.5 डिग्री सेल्सियस तक सीमित करने के लिए आवश्यक है कि वैश्विक वार्षिक ग्रीनहाउस-गैस उत्सर्जन में 2030 तक वर्तमान स्तर के 50 प्रतिशत की कटौती की जाए और साथ ही 2050 तक उसे नेट ज़ीरो के स्तर तक लाया जाए। लेकिन इन लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए एक गहरी और व्यापक कार्रवाई …

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Climate Change: दुनिया वार्म हो रही है इसीलिए मौसम कोल्ड हो रहा है!

Climate Change: पिछला साल भले ही मानव इतिहास का सबसे गर्म साल रहा हो, लेकिन फ़िलहाल कई देशों में, 2021 की शुरुआत काफ़ी सर्द रही है। जहाँ पड़ोसी देश चीन में, बीजिंग ने तो 20 वर्षों में सबसे कम तापमान दर्ज किया, तो स्पेन में, मैड्रिड ने हाल ही में, 1971 के बाद से सबसे तीव्र, एक भारी स्नोस्टॉर्म का अनुभव किया। आखिर ऐसा क्यों हो …

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फ़्रांस जलवायु परिवर्तन

फ़्रांस पर कोर्ट ने क्यों लगा दिया इतना भारी जुर्माना, पढ़िए पूरा मामला

बुधवार को अपने एक ऐतिहासिक फैसले में, पेरिस की प्रशासनिक अदालत ने फ़्रांस में जलवायु परिवर्तन से हो रही पारिस्थितिक क्षति को माना और फ्रांस का ग्रीनहाउस गैसों को कम करने के लक्ष्यों को पूरा करने में नाकामयाब होने का जिम्मेदार ठहराते हुए मुआवज़ा देने का आदेश दिया। मामला है दो मिलियन नागरिकों द्वारा समर्थित …

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जलवायु परिवर्तन और जनस्वास्थ्य

“पेरिस समझौते के लक्ष्य मानवता के सबसे महत्वपूर्ण जनस्वास्थ्य लक्ष्य भी हैं”

भले ही COP26 UN जलवायु वार्ता में फ़िलहाल साल भर का समय हो, लेकिन दुनिया भर के डॉक्टरों और तमाम स्वास्थ्यकर्मियों को अभी से ही एकजुट हो जाना चाहिए उस वार्ता को सार्थक बनाने के लिए। ऐसा इसलिए क्योंकि पेरिस समझौते के लक्ष्यों का पूरा होना सीधे तौर पर पूरी मानवता के लिए बेहतर स्वास्थ्य सुनिश्चित कर सकता है। …

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