Sopore child and grandhfather heart wrenching pictures

अपने दादा के शव पर बिलखते 3 साल के बच्चे की तस्वीर देख हर आंख नम

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कश्मीर में आज सुबह एक बेहद ही दुखद घटना हुई जिसकी तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। बुधवार सुबह कश्मीर के सोपोर में आतंकियों ने सीआरपीएफ के जवानों पर हमला किया। इस दौरान एक नागरिक की भी जान चली गई। मृतक के शव पर बैठे तीन साल के उसके पोते की दर्दनाक तस्वीर सामने आई है। इस तस्वीर के सामने आने के बाद लोग सोशल मीडिया पर लोग दुख ज़ाहिर कर रहे हैं।

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जम्मू-कश्मीर में आतंकियों और सुरक्षाबलों की मुठभेड़ की खबरें आम बात है। हर दिन सुरक्षाबल आतंकियों को अपनी गोली का निशाना बनाते रहते हैं। हाल के दिनों में घाटी में आतंकियों को बड़ी संख्या में मारा गया है। इसके बावजूद आतंकवादी अपने नापाक मंसूबों से पीछे नहीं हट रहे हैं।

दरअसल, सोपोर में बुधवार सुबह केंद्रीय रिजर्व पुलिस फोर्स (CRPF) की पार्टी पर आतंकियों ने हमला किया। ये हमला मार्केट एरिया में घात लगाकर किया गया। सुरक्षाबलों ने भी आतंकियों को फायरिंग से जवाब दिया। इस दौरान फायरिंग में सीआरपीएफ 179 बटालियन का एक जवान शहीद हो गया। जबकि एक नागरिक की भी गोली लगने से मौत हो गई।

एनकाउंटर साइट की एक बेहद दर्दनाक तस्वीर सामने आई

इस दौरान घाटी से एनकाउंटर साइट की एक बेहद दर्दनाक तस्वीर सामने आई है। जिन 60 साल के बुजुर्ग की हमले में मौत हुई है, उनकी तस्वीर सामने आई है। जिसमें दिख रहा है कि जमीन पर खून से लथपथ शव पड़ा हुआ है। वहीं मृत बुजुर्ग के पास उनका तीन साल का पोता भी मौजूद है।

65 साल के बशीर अहमद खान जब आज सुबह अपने पोते के साथ उत्तरी कश्मीर के बारामूला जिले के श्रीनगर से सोपोर क्षेत्र के लिए जा रहे थे, जहां उन्हें अपनी एक परियोजना में निर्माण कार्य की प्रगति की देखरेख करनी थी। खान एक ठेकेदार थे, जो सोपोर में चल रहे निर्माण स्थल का मुआयना करने निकले थे, लेकिन उन्हें ये नहीं पता था कि वह अब इस जगह से जिंदा नहीं लौटेंगे ।

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तस्वीर में दिख रहा है कि ये तीन साल का मासूम अपने दादा की लाश पर बैठा हुआ है, जैसे उसे अपने दादा की मौत के बारे में पता ही ना हो। शायद बच्चा इस इंतजार में होगा कि उसके दादा उसे अपनी गोद में लेंगे, लेकिन गोलियों से छलनी पड़े दादा अब उसे गोद में नहीं उठा सकते थे।

सीआरपीएफ के एक हेड कांस्टेबल दीपचंद वर्मा की भी हुई मौत

ऐसे में एनकाउंटर साइट पर मौजूद पुलिस टीम के एक सदस्य ने बच्चे को अपनी गोद में उठाया और आतंकियों के साथ चल रहे मुठभेड़ साइट से उसे अलग किया। यह तस्वीर बेहद दर्दनाक है।

सीआरपीएफ ने अपने बयान में कहा कि जब उनके जवानों की तैनाती मॉडल टाउन सोपोर में ड्यूटी पर गश्त के लिए की जा रही थी, तो पास की एक मस्जिद के अटारी में छिपे आतंकवादियों ने सैनिकों पर अंधाधुंध गोलीबारी की, जिसमें सीआरपीएफ के चार जवानों में से एक हेड कांस्टेबल दीपचंद वर्मा की मौत हो गई और अन्य तीन भूया राजेश, दीपक पाटिल और निलेश चावड़े को चोटें आईं। बयान में कहा गया, “आतंकवादी कार्रवाई में एक नागरिक की मौत हो गई।”

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