किटी पार्टी वाले दोस्तों से कहें बहुत हुई मौज मस्ती चलो अब कुछ सीरियस करते हैं

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न्यूज डेस्क | ग्राउंड रिपोर्ट

किटी पार्टी वाले दोस्तों से कहें बहुत हुई मौज मस्ती चलो अब कुछ सीरियस करते हैं। आज के दौर में आपसी मेल जोल और थोड़ा सामाजिक होने के लिए हम सब किसी न किसी सोशल ग्रुप के मेंबर बन जाते हैं। ऑफिस वालों का कोई ग्रुप हो या किटी पार्टी वाला, महिलाओं का ग्रुप। जीवन की आपाधापी के बीच ये सोशल ग्रुप संकुचित हो चुके सामाजिक जीवन को जीवनदान देने में कारगर साबित हो रहे हैं।

लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आप इन सोशल ग्रुप के माध्यम से समाज में बड़ा बदलाव ला सकते हैं। जी हां आप अपने सोशल ग्रुप में ताश के पत्ते खेलने के अलावा कई तरह के समाजिक कार्य कर सकते हैं। जिससे हमारे समाज को बहुत फायदा हो सकता है। इसमें सबसे ज़्यादा ज़रुरी है, पर्यावरण संरक्षण का काम। जिसे हर कोई आसानी से कर सकता है।

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देश भर में कई ऐसे सोशल ग्रुप हैं, जो इस दिशा में मिसाल कायम कर रहे हैं। मेरठ में एक रिटायर हो चुके 60 पर नवयुवकों का ग्रुप है, जी हां नवयुवक! नाम है ‘क्लब-60’, यह ग्रुप पर्यावरण और जल संरक्षण के काम को आगे बढ़ा रहा है। इस ग्रुप ने विविध प्रकार के दुर्लभ हो चुके पौधों की प्रजातियों के बीज संरक्षित कर अपने शहर के पार्कों को नवजीवन दिया।

बंजर हो चुके पार्क, जो प्रशासन की लापरवाही की वजह से मर चुके थे। उन्हे इस ग्रुप ने फिर से संवारा। आप भी अपने सोशल ग्रुप के माध्यम से ऐसे कई कार्य कर सकते हैं अपने शहर में पेड़ लगाकर, कचरे के सही निपटान को लेकर लोगों को जागरुक करके, जल संरक्षण के उपायों के बारे में लोगों को बता कर। यह सब कार्य करने पर हो सकता है मीडिया की नज़र आपके ग्रुप पर पड़ जाए और आपका ग्रुप फेमस भी हो जाए। वैसे आपको यह कार्य निस्वार्थ भाव से करना है।

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आज हमारा देश प्रदूषण और सूखे की समस्या से जूझ रहा है। देश के कई शहरों में गरमियों में पीने के पानी की समस्या उत्पन्न हो जाती है। इन सभी समस्याओं का समाधान हम खुद कर सकते हैं। यह काम केवल सरकार का नहीं है। इस धरा को जीवंत रखने की ज़िम्मेदारी हमारी भी है।

पेड़ लगाकर, कचरे का उचित निपटान, रिसाईकलिंग, जल संरक्षण कर हम अपना योगदान दे सकते हैं। घर में रहने वाली महिलाएं जाने की उन्हे गीला और सूखा कचरा किस तरह अलग करना है। पुरुष और बच्चे पानी की बचत, टेरेस गार्डन के निर्माण, बारिश के पानी के संचय
के बारे में पढ़ें और अपने घर को ईको फ्रेंडली बनाने में मदद करें। उर्जा की बचत किस तरह करनी है यह पूरा परिवार साथ बैठकर तय करे।

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हमें छुट्टी में कहां घूमने जाना है, कौनसी कार लेनी है, खाने में क्या बनाना है, इन सब विषयों पर हम घर में खूब चर्चा करते हैं। लेकिन अब एक रविवार अपने परिवार संग बैठकर पर्यावरण संरक्षण पर चर्चा करें क्योंकि अब समय आ गया है, देश के हर परिवार को ज़िम्मेदारी के साथ पर्यावरण को बचाने में योगदान देना होगा।