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Good News: बच्चों को मिल रहा सुपरफूड, अब कुपोषण की नहीं खैर

Shrimati Malati Dahanukar Trust

ग्राउंड रिपोर्ट । न्यूज़़ डेस्क

अगर अच्छी नीयत और उद्देश्य से काम किया जाए तो बड़ी से बड़ी समस्याएं हल हो जाती हैं। हमारे देश में 6 मीहने से कम उम्र के केवल 55 फीसदी बच्चों को ही मां का दूध नसीब होता है जिसके कारण बच्चों में कुपोषण की समस्या होती है। भारत को कुपोषण के कारण हर वर्ष 99 हज़ार करोड़ का घाटा होता है।

महाराष्ट्र के श्रीरामपुर में श्रीमती मालती दहानुकर ट्रस्ट (Shrimati Malati Dahanukar Trust) कारगर स्तनपान तकनीकों को लोकल सुपरफूड से मिलाकर बच्चों में कुपोषण की समस्या को दूर कर रहा है। इस पहल से अब तक 2 साल से कम उम्र के 1800 बच्चे लाभान्वित हो चुके हैं। साथ ही 3 से 6 साल की उम्र के 1580 बच्चों को मदद मिली है। यह ट्रस्ट 500 से ज्यादा गर्भवति महिलाओं को परामर्श दे चुका है। इस कार्य के लिए हफ्ते में छह दिन 8 लोगों की टीम जिसमें डॉक्टर, न्यूट्रिशनिस्ट और नर्स शामिल हैं विभिन्न सेंटर पर जाकर लोगों को जागरुक करते हैं। यह कार्यक्रम शुरुवाती हज़ार दिनों पर केंद्रित होता है जिसमें गर्भवती होने से लेकर बच्चे के 2 साल के हो जाने तक ज़रुरी देखभाल शामिल होती है।

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श्रीमति मालती दहानुकर ट्रस्ट के बारे में जानिए

इस ट्रस्ट की स्थापना 1960 में श्रीरामपुर, महाराष्ट्र में सामुदायिक शिक्षा की ज़रुरतों को पूरा करने के लिए की गई थी 2012 के बाद से यह ट्रस्ट महिलाओं बच्चों में पोषण और पर्यावरण, सतत् विकास के क्षेत्र में भी कार्य कर रहा है।

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