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सीरियल किलर देवेंद्र शर्मा जिसने 40 टैक्सी ड्राइवरों का बड़ी बेरहमी से किया था क़त्ल

सीरियल किलर देवेंद्र शर्मा
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दुनिया में कई ऐसे सीरियल किलर गुज़रे हैं जिनके क़िस्से सुनकर लोग सिहर जाते हैं। इतिहास में बहुत सी ऐसी सीरियल किलिंग की घटनाएं हुई जिनके बारे में लोग आग भी सुनते हैं तो कांप जाया करते हैं। आज हम आपको एक ऐसे ही सीरियल किलर के बारे बताने जा रहे हैं जिसकी हैवानियत क़िस्से दुनियाभर में चर्चा का विषय बनते रहे हैं। कहानी एक ऐसे ही सीरियल किलर देवेंद्र शर्मा की।

  1. देवेंद्र शर्मा पैरोल पर बाहर निकला और फरार हो गया था
  2. वह एक बीएएमएस डॉक्टर से सीरियल किलर बना था
  3. वो हत्या के बाद शवों को मगरमच्छ को खिला दिया करता था
  4. 35 से 40 टैक्सी ड्राइवरों की बड़ी बेरहमी से हत्या कर दी थी
  5. क्राइम ब्रांच ने देवेंद्र शर्मा को दोबारा से गिरफ्तार कर लिया है

हम बात कर रहे हैं सीरियल किलर देवेंद्र शर्मा की। एक ऐसा सीरियल किलर जिसने हैवानियत की सारी हदे पा कर दी थीं। इस किलर ने 35 से 40 टैक्सी ड्राइवरों की बड़ी बेरहमी से हत्या कर दी थी। सीरियल किलर देवेंद्र टैक्सी बुक करता था। फिर किसी सुनसान जगह पर टैक्सी को रुकवा दिया करता था। मौक़ा पाते ही टैक्सी ड्राइवर की बड़ी बेरहमी से हत्या कर दिया करता था।

एक डॉक्टर कैसे बना सीरियल किलर देवेंद्र शर्मा ?

सीरियल किलर शर्मा ने साल 2004 से 2006 तक देश के 4 राज्यों में अपनी हैवानियत का खेल जारी रखा और शातिराना तरीक़े से ड्राइवरों की हत्या करता रहा। जिन राज्यों में इसने लोगों को शिकार बनाया वो राज्य दिल्ली, हरयाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश थे।

सीरियल किलर देवेंद्र शर्मा पेशे से एक आयुर्वेद का डॉक्टर था। वो टूरिस्ट बनकर टैक्सी बुक करता था। किसी सुनसान रास्ते पर पहुंचने पर किसी बहाने से ड्राइवर को टैक्सी रोकने को बोलता और फिर मौक़ा मिलते ही उन्हें मार दिया करता । टैक्सी ड्राइवर की हत्या करने के बाद टैक्सी लेकर फरार हो जाता था।

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हैवानियत के इस काम में देवेंद्र शर्मा अकेला नहीं था। देवेंद्र के दो साथी भी उसकी इस काम में मदद करते थे। देवेंद्र मुख्य किलर था जो लीड करता था। ड्राइवरों को मारने के बाद ये सीरियल किलर उनकी टैक्सी बाज़ार में कम क़ीमतों पर बेचकर पैसे कमाया करता था। इस तरह से इस किलर ने 35 से 40 टैक्सी ड्राइवरों को मौत के घाट उतार दिया था।

पैरोल पर निकला और फरार हो गया

बात साल 2005 की है। मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक़ ये सीरियल किलर कमल सिंह टैक्सी ड्राइवर की हत्या के मामले में अपने अन्य साथियों के संग पुलिस के हत्थे चढ़ गए थे। पुलिस रिमांड के दौरान सीरियल किलर देवेंद्र शर्मा ने 35 से 40 टैक्सी ड्राइवरों की हत्या की बात स्वीकार की थी।

हालांकि, पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह भी कहा था कि देवेंद्र शर्मा ने मेडिकल लाइन छोड़कर अपराध की लाइन क्यों चुना था इसका पता नहीं चल सका था। साल 2008 में उसे फंसी की सज़ा सुनाई गई थी।

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देवेंद्र शर्मा बीते दिनों पैरोल पर बाहर निकला था और उसके बाद फरार हो गया था। वह बीएएमएस डॉक्टर से सीरियल किलर बना था और जयपुर सेंट्रल जेल में हत्या के आरोप में आजीवन कारावास की सजा भुगत रहा था।

देवेंद्र शर्मा पेरोल पर फरार होने के बाद गुपचुप तौर पर शादी कर के दिल्ली में छुप कर रह रहा था। देवेंद्र शर्मा पर उत्तर प्रदेश में नकली गैस एजेंसी खोलने के भी 2 केस दर्ज हुए थे। देवेंद्र शर्मा 2004 के कुख्यात किडनी ट्रांसप्लांट कांड में भी जयपुर, बल्लभगढ़ और गुड़गांव के केस में गिरफ्तार हुआ था।

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सीरियल किलर देवेंद्र शर्मा को दोबारा किया गया गिरफ्तार

वह 125 से ज्यादा ट्रांसप्लांट कराए थे। उसके खिलाफ अपहरण और हत्या के दर्जनों मामले दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान में 2002 के बाद दर्ज हुए थे, जिनमें कई केस में उस आजीवन कारावास की सजा हुई थी।

दिल्ली के नारकोटिक्स सेल की क्राइम ब्रांच को बुधवार सुबह बड़ी सफलता हाथ लगी है। इंस्पेक्टर राम मनोहर को मिली गुप्त सूचना के आधार पर एसआई श्याम शरण, अशोक नागर, संजय व सीटीएस सुमित व अर्जुन ने एसीपी नारकोटिक्स जेएन झा की देखरेख में ट्रैप लगा कर बापरोला इलाके से देवेंद्र शर्मा नाम के सीरियल किलर को गिरफ्तार कर लिया है।

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