Covid-19: सासाराम में कोचिंग संस्थान बंद करने पर छात्रों का हंगामा

बिहार के सासाराम में सरकार के खिलाफ सड़कों पर छात्र
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देश भर में कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं। बिहार में भी यही हाल है, दूसरी लहर को देख नीतीश सरकार ने तमाम निजी और सरकारी स्कूल, कॉलेज और शैक्षणिक संस्थानों को बंद करने का आदेश जारी कर दिया। इस आदेश के खिलाफ सासाराम (Sasaram Violence) के छात्र सड़कों पर उतर आए। न सिर्फ सड़कों पर उतर कर उन्होंने कोचिंग संस्थान बंद करने का विरोध किया बल्कि सड़क पर तोड़ फोड़ भी की है।

क्यों है सासाराम के छात्र गुस्सा?

  • बिहार में बड़ी संख्या में छात्र में कंपटीशन एग्ज़ाम की तैयारी करते हैं। इसके लिए कोचिंग संस्थानों में पूरे वर्ष पढ़ाई चलती है। कोविड के चलते पहले ही छात्रों का बहुत नुकसान हो चुका है। ऐसे में दूसरी लहर में दोबार तालाबंदी से छात्र परेशान है।
  • पूरे देश में सारी आर्थिक गतिविधियां जारी हैं। लेकिन सरकार शैक्षणिक संस्थानों को बंद करने को अमादा है जबकि सभी संस्थानों में कोविड के नियमों का पालन किया जा रहा है।
  • कोचिंग असोसिएशन ऑफ बिहार का कहना है कि कोविड के नियमों का पालन करते हुए शिक्षण संस्थान खुले रहें जैसे बाकि के ऑफिस और कार्य चल रहे हैं।
  • छात्रों और शिक्षकों ने यह प्रण लिया है कि वे छात्रों का भविष्य खराब नहीं होने देंगे और संस्थानों को खुला रखेंगे। इसके बावजूद सरकार ने संस्थानों को बंद करने का आदेश जारी कर दिया।
  • आपको बता दें कि देश भर में शैक्षणिक संस्थान खुल चुके हैं और कोविड की गाईडलाईन के हिसाब से पढ़ाई कराई जा रही है।
  • छात्रों का कहना है कि चुनाव की रैलियों में देश के नेता मस्त हैं, उनकी रैलियों में भारी संख्या में लोग आते हैं, क्या वहां कोविड नहीं फैलता।
  • सरकारें केवल दिखावे के लिए लॉकडाउन कर रही हैं ताकि लगे कि वे कुछ कर रहे हैं। सरकार को अपनी चिकित्सा सेवा को दुरुस्त करने और टीकाकरण पर ध्यान देना चाहिए।
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