संघ प्रमुख मोहन भागवत के भाषण की ये 5 मुख्य बातें आपको ज़रूर सुनना चाहिए

संघ प्रमुख मोहन भागवत के भाषण की ये 5 मुख्य बातें आपको ज़रूर सुनना चाहिए

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विजयादशमी के मौके पर रविवार को संघ प्रमुख मोहन भागवत ने नागपुर स्थित मुख्यालय में शस्त्र पूजा की। उन्होंने कहा कि चीन के साम्राज्यवादी स्वभाव के सामने भारत तन कर खड़ा हुआ है, जिससे पड़ोसी देश के हौसले पस्त हुए हैं। कोई भी देश हमारी दोस्ती को कमजोरी न समझे। भागवत की बात पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने तंज कसा।

संघ प्रमुख मोहन भागवत ने यह भी कहा कि राम मंदिर पर 9 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट का असंदिग्ध निर्णय आया। एकमत से निर्णय था, सारे देश ने समाज ने उसे स्वीकार किया। हर्षोल्लास का विषय होने के बाद भी संयम से उसे मनाया। कोरोना के चलते इस बार केवल 50 लोग मौजूद थे।

  • चीन ने हमारी सीमाओं पर अतिक्रमण किया। यह उनका साम्राज्यवादी स्वभाव है, सब जानते हैं। अब दूसरे देशों ने भी चीन को आंख दिखाना शुरू किया है। हम स्वभाव मित्रता करने वाला है। हम लड़ने वाले नहीं हैं, लेकिन हमारी मित्रता की प्रवृत्ति को दुर्बलता न समझें। चीन को पहली बार समझ आया कि हम इतने कमजोर नहीं हैं। इस बार भारत ने जो प्रतिक्रिया दी, उसकी वजह से वह सहम गया, क्योंकि भारत तन कर खड़ा होगा। भारत की सेना ने अपनी वीरता का परिचय दिया।
  • हमने देखा कि देश में CAA विरोधी प्रदर्शन हुए जिससे समाज में तनाव फैला। कुछ पड़ोसी देशों से सांप्रदायिक कारणों से प्रताड़ित होकर विस्थापित किए जाने वाले व्यक्ति जो भारत में आते हैं, उन्हें इस CAA के जरिए नागरिकता दी जाएगी। भारत के उन पड़ोसी देशों में साम्प्रदायिक प्रताड़ना का इतिहास है। भारत के इस नागरिकता संशोधन कानून में किसी संप्रदाय विशेष का विरोध नहीं है ।
  • जब हम कहते हैं कि हिंदुस्तान हिंदू राष्ट्र है, इसके पीछे हमारी कोई राजनीतिक संकल्पना नहीं है। भारत में सिर्फ हिंदू रहेगा, ऐसा भी नहीं है। हमें द्वेष सिखाने वालों से बचना होगा। ये भारत की विविधता को तोड़ने वाली मंडलियां हैं, ‘भारत तेरे टुकड़े-टुकड़े’ गैंग है। भड़काने वालों की बातों में नहीं आना।
  • जो लोग अपना रोजगार बंद करके अपने-अपने गांव गए थे, वे वापस आने लगे हैं। बहुत अधिक तादाद वापस आने वालों की है। जो अभी अपने ही गांवों में टिके हैं, वे वहीं रोजगार ढूंढेंगे। ऐसे में अब रोजगार पैदा करना है। ये सब परिस्थिति है, लेकिन इससे धीरे-धीरे बाहर आने वाले हैं। इस समय अपराध की समस्या बढ़ती है।
  • कुछ लोग ‘भारत के टुकड़े हों’ कहते नजर आते हैं, वे संविधान और समाज के रखवाले बताकर समाज को उलटी पट्‌टी पढ़ाते हैं। बाबा साहब अंबेडकर ने जिसे अराजकता कहा है, ऐसी बातें सिखाने वाले ये लोग हैं। ये अपने निहित स्वार्थों के लिए ऐसी बात करते हैं।
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