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मास्क और पीपीई बना कर बचा रही हैं सायना ज़िंदगियां, दिल्ली दंगों ने उनसे सबकुछ छीन लिया था

saina stitching masks and PPE
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सौजन्य: कायनात सरफराज़, HT

18 साल की सायना जो दिल्ली की शिव विहार में रहती हैं, उनका परिवार दिल्ली में हुए दंगों में तबाह हो गया था। उनके पिता का ई रिक्शा, घर और दुकान दंगों में आग के हवाले कर दिए गए थे। सायना इस साल अपनी पढ़ाई पूरी करना चाहती थीं लेकिन दंगों की वजह से घर की आर्थिक स्थिति बिगड़ गई। सायना के 6 भाई बहन हैं और वे घर में सबसे बड़ी हैं। उनका घर सरकार और समाजसेवीयों द्वारा मिल रहे राशन से ही चल रहा है। दंगों में बर्बाद हुए लोगों को सिलाई मशीन दी गई थीं इस सिलाई मशीन की मदद से सायना अब मास्क और पीपीई किट बना रही हैं। देश कोरोनावायरस से जूझ रहा है ऐसे में मास्क और पीपीई किट की कमी हो रही है। सायना और 2 अन्य महिलाओं ने मिलकर अब तक 35 हज़ार मास्क और 200 पीपीई किट तैयार किये हैं।

माईल्स टू स्माईल नामक संगठन इनकी मदद कर रहा है। इन्हें पीपीई किट बनाने के लिए सैंपल और कच्चा माल यह संगठन उपलब्ध करवा रहा है। इस मुश्किल की घड़ी में सायना का देश के लिए कुछ करने का जज़्बा और जुनून देखने लायक है। सायना की तरह ही कई लोग कोरोनावायरस से लड़ने के लिए अपनी तरफ से योगदान दे रहे हैं।

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