अब दिल्ली में पैदल चलकर सुरक्षित घर पहुंचा जा सकेगा, जानिए अब तक क्यों था मुश्किल?

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ग्राउंड रिपोर्ट न्यूज़ डेस्क । नई दिल्ली

दिल्ली शहर में घर से निकलना जान हाथ में लेकर निकलने जैसा है, अगर आप पैदल कहीं जा रहे हैं, तो। ऐसा मैं इसलिए कह रहा हूँ क्योंकि एक अध्ययन के मुताबिक राजधानी की सड़कें पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित नहीं है। अकेले 2015 में 1582 सड़क हादसों में 1622 लोगों की मौत हुई जिसमें 684 पैदल यात्री थे।

अब यह तो था अध्ययन, इस दहशत को आप खुद भी महसूस कर सकते हैं, कभी दिल्ली के फुटपाथों पर चल कर देखिए। चिराग दिल्ली से ग्रेटर कैलाश जाने वाली रोड पर मैं रोज़ाना 1 कि.मी पैदल चलकर जाता हूँ। पैदल चलने वालों के लिए यहां बहुत सुंदर फुटपाथ बनाया गया है। यह केवल तब-तक पैदल यात्रियों के काम आता है, जब-तक ट्रैफिक लाइट खुली हो। जैसे ही सिग्नल बंद होता है, सड़क पर चलने वाले दुपहिया वाहन फुटपाथ पर चढ़ जाते हैं। कभी-कभी तो ऑटो और बसें भी फूटपाथ पर चढ़ जाती हैं। और इनकी रफ्तार ऐसी होती है मानों इन्हें इसी फुटपाथ पर गाड़ी चलाने को ट्रेनिंग दी गयी हो।
ऐसे में पैदल यात्री बेबस खड़ा जान बचाता फिरता है।

वैसे हम बात कर रहे थे कि अब पैदल यात्री सुरक्षित हो जाएगा। आइये जानते हैं कैसे-
दिल्ली के 19 इलाकों में पैदल चलने वालों के लिए सुरक्षित, सुगम और बेहतर फुटपाथ बनाने के लिए कई एजेंसियां साथ आई हैं। इसके तहत चौराहों को नए तरीके से डिज़ाइन किया जाएगा। सभी फुटपाथों को सड़क से 6 इंच ऊंचा बनाया जाएगा।

उम्मीद है इस प्रोजेक्ट पर जल्द से जल्द काम शुरू होगा और सड़क पर चलने वाला व्यक्ति भी खुद को सुरक्षित महसूस कर सकेगा।