Home » राष्ट्रवाद में हिटलर की झलक, नेशनलिज्म शब्द का उपयोग मत कीजिए !

राष्ट्रवाद में हिटलर की झलक, नेशनलिज्म शब्द का उपयोग मत कीजिए !

संघ प्रमुख मोहन भागवत के भाषण की ये 5 मुख्य बातें आपको ज़रूर सुनना चाहिए
Sharing is Important
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने रांची में एक कार्यक्रम में राष्ट्रवाद को लेकर बड़ा बयान दिया है। इस दौरान उन्होंने ब्रिटेन में एक संघ कार्यकर्ता के साथ हुई बातचीत का जिक्र किया। भागवत ने कहा कि नेशनलिज्म शब्द का उपयोग मत कीजिए। नेशन कहेंगे चलेगा, नेशनल कहेंगे चलेगा, नेशनलिटी कहेंगे चलेगा, नेशनलिज्म मत कहो। नेशनलिज्म का मतलब होता है हिटलर… नाजीवाद। उन्होंने कहा कि आरएसएस का विस्तार देश के लिए है। हमारा लक्ष्य भारत को विश्वगुरू बनाने का है।

भागवत ने कहा, ‘हिंदू समाज को संगठित करने के अलावा संघ का कोई और काम नहीं है। हिंदुत्व की भावना से राष्ट्रीय भावना को प्रबल करते हुए शोषण रहित समाज की स्थापना ही संघ का उद्देश्य है। ‘भारत को विश्वगुरु बनाना है। संघ को अपने लिए बड़ा नहीं बनना है, भारत अपने लिए बड़ा नहीं बनता है। आज भी कई बड़े देश हैं जिन्हें महाशक्ति कहा जाता है। ये महाशक्ति देश सारी दुनिया के साधनों का खुद के लिए उपयोग करते हैं। भारत जब-जब बड़ा बना है दुनिया का हित ही किया है। आज की दुनिया को भारत की आवश्यकता है।’

READ:  कर्नाटक: ऑक्सीजन की कमी से 24 कोरोना मरीजों की अस्पताल में मौत

गुजरात मॉडल : हर ग़रीब को पक्का मकान देने वाली सरकार झुग्गियां छिपाने में लगी है

भागवत ने कहा कि विकसित देश अपने व्यापार को हर देश में फैलाना चाहते हैं। इसके जरिए वो अपनी शर्तों को मनवाना चाहते हैं। दुनिया के सामने जो बड़ी समस्याएं हैं उनसे केवल भारत निजात दिला सकता है। हिंदुस्तान को नेतृत्व करने के बारे में सोचना चाहिए। एकता ही देश की अकेली ताकत है। बेशक इसका आधार अलग हो सकता है लेकिन मकसद एक है।

आप ग्राउंड रिपोर्ट के साथ फेसबुकट्विटर और वॉट्सएप के माध्यम से जुड़ सकते हैं और अपनी राय हमें Greport2018@Gmail.Com पर मेल कर सकते हैं।