स्वतंत्र पत्रकार रिज़वाना तबस्सुम ने की आत्महत्या, सुसाइड नोट में सपा नेता को ठहराया ज़िम्मेदार

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उत्तर प्रदेश के बनारस की तेज तर्रार महिला पत्रकार रिजवाना तुबस्सुम ने सोमवार को अपने आवास पर सुसाइड कर लिया। रिजवाना ने मरने से पहले एक सुसाइड नोट लिखा जिसमें सपा नेता समीम नोमानी को जिम्मेदार ठहराया है। स्वतंत्र पत्रकारिता करने वाली रिजवाना तबस्सुम ने आज 4 मई की सुबह आत्महत्या की। आत्महत्या की घटना आज सुबह साढ़े दस बजे उस समय सामने आयी, जब पुलिस ने परिजनों के सामने रिजवाना के कमरे का दरवाजा तोड़ा।रिजवाना तबस्सुम के पिता अजीजुल हकीम द्वारा एफआईआर में कहा गया है कि बार-बार मेरी बेटी को शमीम नोमानी तंग करता था, जिससे परेशान होकर मेरी बेटी ने आत्महत्या की है ।

रिज़वाना की आत्महत्या का संदेह परिजनों को उस समय हुआ जब रिजवाना दिन के 10 बजे तक अपने कमरे से बाहर नहीं निकलीं। कई बार दरवाजा खटखटाने के बाद जब रिजवाना ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी तो परिजनों को संदेह हुआ और पुलिस को फोन किया। मौकास्थल पर पहुंचकर पुलिस ने रिजवाना के कमरे का दरवाजा तोड़ा तो कमरे में रिजवाना की पंखे से लटकती लाश नजर आयी। जानकारी के मुतााबिक रिजवाना जिस कमरे में सोईं थीं उसी कमरे से पुलिस को अखबार का एक टुकड़ा मिला है है, जिस पर लिखा है, शमीम नोमानी इसके लिए जिम्मेदार है।

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रिजवाना के पिता अजीजुल हकीम ने लोहता थाना पहुंचकर इसी अखबार के टुकड़े के आधार पर बनारस के ही रहने वाले शमीम नोमानी के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज करा दिया है। शमीम नोमानी पुलिस की गिरफ्त में हैं, जिनके खिलाफ बनारस के लोहता थाने में धारा 306 (आत्महत्या के लिए उकसाने) का मुकदमा पुलिस ने दर्ज कर लिया है। रिजवाना तबस्सुम के पिता अजीजुल हकीम द्वारा दर्ज करायी गयी एफआईआर में कहा गया है कि बार-बार मेरी बेटी को शमीम नोमानी तंग करता था, जिससे परेशान होकर मेरी बेटी ने आत्महत्या की है।

तेजतर्रार और प्रतिभाशाली युवा पत्रकार रिजवाना की मौत से बनारस के कई पत्रकार मर्माहत है। जहां तक रिजवाना की बात है तो वें वायर, बीबीसी और द प्रिंट जैसे प्रतिष्ठित समाचार संस्थानों के लिए लिखा करती थी। उनकी कई स्टोरियां नेशनल स्तर पर चर्चित हुई। इसके साथ ही वें हमेशा सामाजिक सरोकारों से जुड़ी रहती थी। जिसके लिए उन्हें कई प्रतिष्ठित संस्थानों द्वारा सम्मानित भी किया जा चुका है। वें अपने पांच भाई बहनों में दूसरे नंबर की थी। इनकी मौत से इनके बड़े भाई मोहम्मद अकरम, छोटी बहन नुसरत जहां, इशरत जहां, छोटे भाई मोहम्मद आजम व मोहम्मद असलम काफी मर्माहत है। 

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