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PM मोदी ने इन 12 केंद्रीय मंत्रियों के क्यों ‘बजा दिए बारह’?

Resignation of Indian ministers
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Resignation of Modi’s ministers: नई कैबिनेट विस्तार से पहले केंद्रीय राजनीति में मानो भूचाल आ गया हो। एक नहीं दो नहीं धड़ाधड़ 12 केंद्रिय मंत्रियों ने इस्तीफे दे दिए। इनमें केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्ष वर्धन से लेकर कानून मंत्री रवि शंकर सरीखे नेताओं के नाम भी शामिल हैं। Resignation of Indian ministers: एक के बाद एक ताबड़तोड़ हुए इन इस्तीफों से हर कोई हैरत में है। आखिर क्या कारण रहा जो अचानक एक साथ इतने सारे केंद्रीय मंत्रियों ने इस्तीफे दे दिए।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने दिया सबसे पहले इस्तीफ

इस्तीफों की फेहरिस्त( Resignation of Indian ministers) में सबसे पहला नाम केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन का रहा। हर्षवर्धन के इस्तीफे की खबर से हर कोई हैरत में आ गया। बताया जा रहा है कि कोरोना की दूसरी लहर को लेकर जिस तरह मोदी सरकार सवालों के घेरे में आई, उसका खामियाजा डॉ. हर्षवर्धन को उठाना पड़ा। डॉ. हर्षवर्धन के पास विज्ञान और तकनीक मंत्रालय भी था।

ट्विटर विवाद के बाद मंत्री रविशंकर प्रसाद से लिया इस्तीफा

केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद को भी अपने पद से इस्तीफा देना पडा। बिहार के पटना साहिब से लोकसभा सांसद रविशंकर प्रसाद मोदी सरकार में कानून और न्याय मंत्री, संपर्क व सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री थे। लेकिन उनको भी इस्तीफा देना पड़ गया। बताया जा रहा है कि ट्वीटर के साथ विवाद के चलते मोदी सरकार की छवि खराब हो रही थी जिसके बाद उन्होंने इस्तीफा ले लिया गया।

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महाराष्ट्र सांसद जावेड़कर के इस्तीफे की ख़बर

दरअसल हर्ष वर्धन, रवि शंकर के बाद केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडेकर के भी इस्तीफे की खबर आ गई है। जावडेकर महाराष्ट्र से राज्यसभा सांसद हैं। वह मोदी मंत्रिमंडल में पर्यावरण, वन और और जलवायु परिवर्तन और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय का काम देख रहे थे। अब चर्चा है कि कोरोना काल में वे सरकार की छवि सुधारने में नाकाम रहे जिसके चलते मोदी ने उनसे इस्तीफा ले लिया।

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योगी के खिलाफ खत लिखने पर सांसद गंगवार को गवाना पड़ा पद

उत्तर प्रदेश के बरेली से लोकसभा सांसद संतोष गंगवार जो वित्त मंत्रालय और कपड़ा मंत्रालय में राज्य मंत्री रह चुके हैं। मोदी के दूसरे कार्यकाल में पहली कैबिनेट में श्रम एवं रोजगार मंत्रालय में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) थे। उन्होंने योगी आदित्यनाथ के खिलाफ खत लिखा था। शायद यही कारण था कि उन्हें अपने पद से हाथ धोना पड़ा।

सांसद बाबुल सुप्रियो से छिना आसनसोल का पद

वहीं पश्चिम बंगाल की आसनसोल से सांसद बाबुल सुप्रियो का भी पद छिन गया। वह मोदी सरकार में पर्यावरण मंत्रालय में राज्य मंत्री थे। बताया जा रहा है कि बाबुल सुप्रियो पार्टी से नाराज चल रहे थे। पश्चिम बंगाल विधानसभा में भी बाबुल सुप्रियो मैदान में उतरे थे, लेकिन 50 हजार वोटों से हार गए थे।

महाराष्ट्र के राव साहेब दानवे पाटिल का इस्तीफा

महाराष्ट्र की जलना लोकसभा सीट से सांसद राव साहेब दानवे पाटिल को भी इस्तीफा देना पड़ा। वह उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय में राज्य मंत्री थे। खबर है कि कोरोना काल में वे खाद्य आपूर्ति करने में विफल रहे जिसके बाद मोदी ने ये एक्शन लिया है।

सांसद देबोश्री चौधरी ने भी दिया इस्तीफा

पश्चिम बंगाल की रायगंज लोकसभा सीट से बीजेपी सांसद देबोश्री चौधरी को इस्तीफा दे दिया। वह महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री थीं। खबर है कि हाई कमान उन्हें पश्चिम बंगाल बीजेपी में कोई अहम पद दे सकता है।

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खराब स्वास्थ्य के कारण सांसद रमेश पोखरियाल का इस्तीफा

उत्तराखंड के हरिद्वार से सांसद रमेश पोखरियाल निशंक को भी इस्तीफा देना पड़ा। वह मानव संसाधन विकास मंत्री थे। बीते दिनों रमेश पोखरियाल निशंक कोरोना हो गया था और वह एक महीने तक एडमिट थे। खराब स्वास्थ्य का हवाला देते हुए उन्होंने भी इस्तीफा दिया है।

सभी संग बीजेपी सांसद सदानंद गौड़ा पर गिरी गाज

दरअसल कर्नाटक के बेंगलुरु नॉर्थ से बीजेपी सांसद सदानंद गौड़ा ने भी सरकार को अपना इस्तीफा सौंप दिया। वह रासायनिक एवं उर्वरक मंत्री थे। खबर है कि कोरोना काल में दवाओं की कमी को लेकर मोदी सरकार की जो फजीहत हुई थी, उसकी गाज सदानंद गौड़ा पर गिरी है।

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इस्तीफा देकर संगठन में एडजस्ट होंगे सांसद संजय धोत्रे

वहीं महाराष्ट्र की अकोला लोकसभा सीट से सांसद संजय धोत्रे से भी इस्तीफा लिया गया। वह शिक्षा के साथ ही सूचना और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के राज्य मंत्री थे। बताया जा रहा है कि पीएम नरेंद्र मोदी, संजय धोत्रे के कम से खुश नहीं थे। उन्हें संगठन में एडजस्ट करने की खबर है।

मोदी ने सांसद प्रताप सारंगी से भी लिया पद वापस

ओडिशा के बालासोर से सांसद प्रताप सारंगी से भी इस्तीफा लिया गया है। वह सूक्ष्म, लघु और मध्यम के साथ पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन मंत्रालय के राज्य मंत्री थे। सारंगी अपनी सादगी और सरल व्यवहार के लिए जाने जाते हैं लेकिन बतौर केंद्रीय मंत्री वे कुछ खास काम नहीं कर पाए जिसके चलते प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें भी पद से हटा दिया है।

कर्नाटक के राज्यपाल बने मंत्री थावरचंद गहलोत

सामाजिक न्याय व अधिकारिता मंत्रालय के केंद्रीय कैबिनेट मंत्री थावरचंद गहलोत से भी इस्तीफा लिया गया है। हालांकि उन्हें कर्नाटक का राज्यपाल बनाया गया है।

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