रिसर्च स्कॉलर्स की मोदी सरकार को चेतावनी, नहीं बढ़ी फेलोशिप तो होगा राष्ट्रव्यापी आंदोलन – भूख हड़ताल

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कोमल बड़ोदेकर | नई दिल्ली

मोदी सरकार अगर आगामी 31 दिसंबर या अधिकतम 1 जनवरी 2019 तक फेलोशिप में वृद्धि नहीं करती है तो देश भर के हजारों रिसर्च स्कॉलर फेलो राष्ट्रव्यापी आंदोलन और भूख हड़ताल करेंगे। यह कहना है AIIMS नई दिल्ली के पीएचडी स्कॉलर और सोसायटी ऑफ यंग साइंटिस्ट (ऑल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस) के चेयरमेन लाच चंद्र विश्वकर्मा का।

ग्राउंड रिपोर्ट से फोन पर बातचीत में लाल चंद ने कहा कि, हम पिछले कई महीनों से सरकारी दफ्तरों, अधिकारियों और मंत्रियों से मुलाकात कर इस विषय में कई बार बात कर चुके हैं। सरकार को लिखित और मेल के जरिए भी आवेदन दे चुके हैं लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

वहीं आईआईटी मद्रास के पूर्व छात्र और सेंटर ऑफ बायोमेडिकल रिसर्च SGPGIM कैंपस लखनऊ के रिसर्च फेलो और नेशनल रिप्रजेंटेटिव एन्ड कॉर्डिनेटर ऑफ रिसर्च स्कॉलर्स ऑफ इंडिया निखिल गुप्ता ने बताया कि बीते दिनों सभी प्रमुख संस्थानों के रिसर्च स्कॉलर्स के प्रतिनिधियों ने केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर और केन्द्रीय मंत्री डॉ हर्षवर्धन से मुलाकत की थी।

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इस दौरान केन्द्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर की ओर से आश्वसान दिया गया था कि जल्द से जल्द देश भर के रिसर्च स्कॉलर्स की फेलोशिप बढ़ा दी जाएगी, लेकिन कब तक इसका कोई लिखित जवाब नहीं दिया गया। न ही इस बात के कोई ठोस परिणाम सामने आए हैं कि फेलोशिप बढ़ाने की दिशा में सरकार कहां तक पहुंची है। सामने आए हैं तो सिर्फ आश्वासन।

वहीं IIT रुढ़की के बायोटेक्नोलॉजी विभाग के पीएचडी स्कॉलर निलाद्री दास ने बताया कि, आगामी 3 जनवरी को सभी संस्थानों के रिसर्च स्कॉलर एम्स नई दिल्ली में बैठक के दौरान आगे की रणनीति पर फैसला करेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार तय समय सीमा में अगर फेलोशिप नहीं बढ़ाती है तो आम सहमति से राष्ट्रव्यापी आंदोलन और भूख हड़ताल करेंगे। बता दें कि रिसर्च स्कॉलर नई दिल्ली के अलावा IIT मंडी, IIT मद्रास, IICB कोलकाता, IISc बेंगलोर कैंपस में 3 जनवरी को आगे रणनीति पर बैठक करेंगे।

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बता दें कि बीते दिनों IIT के दिल्ली, मद्रास, खड़गपुर और IIT रुढ़की सहित अन्य कैंपस, IISER कोलकाता, ACTREC, IISER पुणे, बीएचयू, AIIMS नई दिल्ली सहित देश भर के तमाम संस्थानों में रिसर्च स्कॉलर्स ने मार्च निकालकर सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज करवाया था।

रिसर्च फेलो की प्रमुख मांग-
1) जेआरएफ, एसआरएफ, पीएचडी कर रहे लोगों की फेलोशिप की रकम 15 फीसदी प्रतिवर्ष के हिसाब से 60 फीसदी बढ़ाई जाए। क्योंकि यह हर चार वर्ष में एक बार बढ़ती है।

2) फेलोशिप के तहत मिलने वाली यह रकम हर महीने समय पर आए, क्योंकि अब तक यह रकम कभी तीन महीने, छह महीने या कभी 8 महीने गुजर जाने के बाद मिलती है।

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3) सरकार वेतन आयोग के तहत ऐसी गाइडलाइन बनाए जिससे यह तय हो कि फेलोशिप के तहत करने वाले रिसर्चर्स को हर महीने समय पर फेलोशिप की रकम मिले।

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