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अब Remdesivir को भी कोरोना के इलाज से हटाने की तैयारी

remedesivir considering-removal from treatment of covid-19 plasma therapy
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Remdesivir considering-removal from treatment of covid-19 plasma therapy: प्लाज्मा थेरेपी को लेकर एक नया संशोधन हुआ है। केंद्र सरकार ने प्लाज्मा थैरपी को (covid-19) ट्रीटमेंट प्रोटोकॉल से हटा दिया है। कोरोना कि पहली लहर में प्लाज्मा थैरपी (Remdesivir considering-removal from treatment of covid-19 plasma therapy) को कोरोना मरीजों को कारगर माना गया था और अबकी दूसरी लहर के दौरान आम लोग अपने सगे संबंधियों को बचाने के लिए सोशल साइट्स और अस्पतालों के बाहर प्लाज्मा देने के लिए गुहार लगा रहे थे लेकिन कुछ दिन पहले (covid-19) पर बनी नेशनल टास्क फोर्स की मीटिंग में चर्चा के दौरान कहा गया कि प्लाज्मा थैरपी से कोरोना से संक्रमित मरीजों को कोई फायदा नहीं होता।

वहीं अब खबरों का बाजार गर्म है कि क्या सरकार पर अब रेमडेसिविर पर कुछ बड़ा फैसला सुना सकती है। गंगा राम अस्पताल के अध्यक्ष डॉ डीएस राणा ने मंगलवार को कहा कि रेमडेसिविर को भी जल्द ही कोविड​​​​-19 के इलाज से हटाने पर विचार किया जा रहा है। दरअसल, कोविड-19 रोगियों के इलाज में इसकी प्रभावशीलता का कोई सबूत नहीं है। (Remdesivir considering-removal from treatment of covid-19 plasma therapy)

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ICMR ने प्लाज्मा थेरेपी को हटाने का फैसला किया
(ICMR) ने प्लाज्मा थेरेपी को हटाने की फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि (covid-19) मरीजों के उपचार के लिए प्लाज्मा थेरेपी के उपयोग को प्रबंधन दिशा- निर्देश से हटा दिया गया है सरकार ने बताया कि (covid-19) मरीजों के उपचार में प्लाज्मा थैरपी गंभीर बीमारी को दूर करने और मौत के मामलों को कम करने में फायदेमंद साबित नही हुई है प्लाज्मा थैरपी को (covid-19) मरीजों के उपचार में प्रभावी नहीं पाया गया है।

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दरअसल प्लाज्मा थैरपी में(covid-19) से ठीक हुए मरीज के खून में मौजूद एंटीबाडी को गम्भीर मरीजों को दिया जाता है जो कि ये गलत है ऐसा नही होना चाहिए क्योंकि जो मरीज कोरोना संक्रमित है उसके शरीर की एन्टीबॉडी किसी दुसरे गंभीर मरीज को नही देनी चाहिए इस पर रोक लगानी चाहिए और तो और डॉक्टरों को भी ऐसा नहीं करना चाहिए ये एक तरह का मरीजों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ करना हुआ इस पर सरकार को फैसला लेना चाहिए।

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