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सिल्वर स्क्रीन की दुनिया उतनी सुनहरी नहीं जितनी दिखाई देती है

Reality of Indian cinema
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जब भी आप फिल्मी सितारों को देखते हैं तो आप भी सोचते होंगे कि ये लोग कितने आराम से जिंदगी जीते हैं, कितनी आसानी से दौलत और शोहरत इनकी मोहताज हो जाती है। जिंदगी इतनी भी आसान नहीं दोस्तों, सिल्वर स्क्रीन की दुनिया जितनी सुनहरी दिखाई देती है अंदर से उतनी ही स्याय और काली है। आपको बॉलीवुड के बारे में जानकर हैरानी भी हो सकती है। कंगना रनौत के द्वारा कुछ ऐसी ही बातें बताई गई हैं।

साल 2006 में फिल्म गैंग्स्टर से अपने फिल्मी करियर की शुरुआत करने वालीं अभिनेत्री कंगना रानौत और तनु वेड्स मनु, रंगा, सिमरन और क्वीन जैसी कई हिट फिल्में कर चुकी हैं। हाल ही में सुशांत सिंह राजपुत की ‘आत्महत्या’ के मामले में कंगना ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं।

कंगना के मुताबिक, बॉलीवुड में आउटसाइडर्स को ऊंचा उठने से रोका जाता है। बाहरी लोगों को इंडस्ट्री में नीचा दिखाने के लिए साजिश रची जाती है। लोग हमारा कॉन्फिडेंस बढ़ाएं ना बढ़ाएं लेकिन हमारी कमियां निकालने के लिए तैयार रहते हैं। यह बड़े-बड़े लोग आपको एहसास दिलाते हैं कि आपकी जरूरत नहीं है, आप यूज़लेस हैं। वह बताते हैं बॉलीवुड नेपोटिज़्म (ताकत के बलबूते पर अपने करीबियों को फायदा दिलाना) है। यहाँ पैट्रीआरकी हैं, जो औरतों को आगे बढ़ने नहीं देती। जो भी फिल्म में हीरो होते हैं उनके हिसाब से औरतों को समय दिया जाता है और ज्यादातर औरतों को जो भी रोल मिलता है वह आदमियों के नजरिए से ही मिलता है। तो क्या आप अब भी बॉलीवुड में जाना चाहेंगे?

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पढ़ें कंगना रनौत के तीन बेबाक बयान-

सुशांत की आत्महत्या पर कंगना रानौत ने करन जौहर गैंग पर निशाना साधते हुए उन्हें निपोटीक बताया और कहा कि फिल्म इंडस्ट्री पर
कुछ खानदानों ने कब्ज़ा कर रखा है।

बाहरी लोगों से फिल्मी सितारों द्वारा जो भेदभाव किया जाता है वह आम आदमी को इस कदर रुला देता है कि शायद वो आत्महत्या करने पर मजबूर हो जाए। ये बड़े-बड़े लोग आम लोगों को पीछे धकेलने के लिए साजिश रचते है।

कंगना रानौत ने ये भी बताया की आम आदमी और सुपरस्टार के बच्चों में भी फर्क किया जाता है और कहा जाता है कि फिल्मी सितारों के बच्चे ज्यादा टैलेंटेड और समझदार है जबकि आम आदमी के बच्चे कुछ नहीं कर पाते हैं। इस बात को सुनते ही कई लोगों का मनोबल पहले ही टूट जाता हैं, और टॉन्ट कस कर इस नगरी को छोड़ने पर मजबूर कर दिया जाता है।

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Ayushi verma, a Journalism student at Delhi Metropolitan Education, Indraprastha University, Noida. Writes on Politics and Entertainment.

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