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क्या नरेंद्र मोदी की आंख में धूल झोंक रही है छत्तीसगड़ की रमन सरकार?

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न्यूज़ डेस्क।। इस साल अप्रैल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषणा की थी कि अब भारत के हर गांव में बिजली पहुंच चुकी है। मनीपुर का लेसांग गांव इकलौता ऐसा गांव था जहां आज़ादी के बाद से अब तक बिजली नहीं पहुंची थी, वहां भी बिजली पहुंचाकर मोदी सरकार ने 100 प्रतिशत विद्युतिकरण का लक्ष्य हासिल कर लिया है। इस खबर से मोदी सरकार ने खूब वाहवाही बटोरी थी। हर घर बिजली पहुंचाना मोदी सरकार के अहम एजेंडे में रहा है। लेकिन भाजपा के अपने मुख्यमंत्री रमन सिंह मोदी सरकार के दावों की हवा निकालने में लगे हुए हैं। हम बात कर रहे हैं, इंडियन एक्सप्रेस में छपी एक खबर की जिसके मुताबिक छत्तीसगड़ में नक्सल प्रभावित इलाकों में विद्युतिकरण के नाम पर जनता को धोखा दिया जा रहा है।

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इंडियन एक्सप्रेस के दिपांकर घोष की रिपोर्ट के मुताबिक छत्तीसगड़ के नक्सलवाद प्रभावित जिले दंतेवाड़ा, बीजापुर, और सुकमा के करीब 80 गांवों में अभी तक बिजली नहीं पहुंची है, लेकिन कागज़ों में इन गांवों तक बिजली पहुंचा दी गई है और इसके लिए बकायदा लोगों को सौर्य ऊर्जा से चलने वाले लालटेन बांटे गए हैं। ये लालटेन लोगों को रौशनी तो देते ही हैं साथ ही विद्युतिकरण के नाम पर हो रहे मज़ाक पर भी प्रकाश डालते हैं। लालटेन तो यहां के लोग पहले भी जलाते थे। फर्क बस इतना था वो केरोसीन से चलते थे, नए लालटेन सूर्य देवता और रमन सरकार की कृपा से चल रहे हैं। क्या मोदी सरकार के सामने विकास पुरुष बनने के लिए रमन सरकार आंकड़ों की बाज़ीगरी दिखा रही है? या प्रधानमंत्री मोदी ने ही यह आदेश दिया है कि कुछ भी करो पर हर गांव रौशन कर दो?

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आंकड़ो के ज़रिए विकास दिखाकर सरकारें सुर्खियां बटोर लेती हैं लेकिन ज़मीन पर आम आदमी मूल भूत समस्याओं से जूझता रहता है।