Home » Ram Navmi 2021: भगवान राम की आराधना का विशेष दिन है रामनवमी

Ram Navmi 2021: भगवान राम की आराधना का विशेष दिन है रामनवमी

ram-navmi-2021
Sharing is Important
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

Ram Navmi 2021: रामनवमी हिंदुओं का एक धार्मिक त्यौहार है। यह पर्व भगवान श्री राम के जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। रामनवमी (Ram Navmi 2021:) चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवरात्रि की नवमी तिथि को मनाई जाती है। रामनवमी के दिन माँ दुर्गा के नवें रुप की भी पूजा की जाती है। इस दिन लोग व्रत रख हवन करके कन्याओं को भोजन भी कराते हैं। इस बार रामनवमी (Ram Navmi 2021:) 21 अप्रैल, बुधवार को मनाई जा रही है।

मान्यता है कि इस दिन त्रेतायुग में भगवान विष्णु ने अयोध्या के राजा दशरथ के घर जन्म लिया था। इनके जन्म के साथ इनके तीन भाइयों लक्ष्मण, शत्रुघ्न और भरत का भी जन्म हुआ था। कहा जाता है कि भगवान राम मर्यादा पुरुषोत्तम थे। यह उपाधि उन्हें इसलिए दी गई क्योंकि भगवान राम ने अपने पूरे जीवन में किसी भी मर्यादा का तनिक भी उल्लंघन नहीं किया।

Nashik Hospital Oxygen Leak: टैंकर से लीक होती रही ऑक्सीजन, तड़प-तड़प के 22 कोरोना मरीजों की निकली जान

रामनवमी से जुड़ी पौराणिक कथा
प्राचीन महाकाव्य रामायण के अनुसार- अयोध्या के राजा दशरथ की तीन पत्नियाँ थीं, लेकिन काफी समय बीत जाने के बाद भी उन्हें किसी भी पत्नी से संतान सुख की प्राप्ति नहीं हो पाई थी। पुत्र प्राप्ति के लिए राजा दशरथ को ऋषि वशिष्ठ ने पुत्रेष्टि यज्ञ कराने का सुझाव दिया। इसके बाद राजा दशरथ ने श्रृंगी ऋषि से ये यज्ञ कराया। यज्ञ खत्म होने के बाद महर्षि ने दशरथ की तीनों पत्नियों को एक-एक कटोरी खीर खाने को दी। जिसके कुछ महीनों बाद ही तीनों रानियाँ गर्भवती हो गयीं। राजा दशरथ की सबसे बड़ी रानी कौशल्या ने भगवान राम को जन्म दिया वहीं कैकयी ने भरत को, सुमित्रा ने जुड़वा बच्चों लक्ष्मण और शत्रुघ्न को जन्म दिया। भगवान राम का जन्म धरती पर रावण को खत्म करने के लिए हुआ था। ऐसा भी कहा जाता है कि नवमी के दिन ही स्वामी तुलसीदास ने रामचरित मानस की रचना शुरू की थी।

READ:  Uttar Pradesh: अंतिम वर्ष के छात्रों की होंगी छोटी परीक्षाएं, इस दिन से शुरू होगा नया सत्र!

रामनवमी के महत्व
प्राचीन मान्यताओं के अनुसार रामनवमीं के दिन लोग व्रत का संकल्प लेते हैं, जो सूर्योदय होने के बाद से अगले दिन के सूर्योदय तक व्रत को पूरा करते है। इस दिन रोली, चंदन,गंगाजल, फूल, 5 प्रकार के फल, मिष्ठान आदि का प्रयोग किया जाता है। भगवान राम को तुलसी का पत्ता और कमल का फूल भी अर्पित किया जाता है।

रामनवमीं के दिन मंदिरों में श्री राम की पूजा-अर्चना की जाती है। इस दिन रामचरितमानस की चौपाइयाँ सुनने को मिलती है। लोगों का मानना है कि इस दिन भगवान राम सारी मनोकामनाओं को पूरा करते है।

घर पर ही संभव है कोरोना का इलाज, पर बरतें जरूरी सावधानियां

इस दिन मंदिरों में बड़ी संख्या में भक्तों की भीड़ उमड़ती है, वे भगवान श्री राम के दर्शन कर इस दिन खुदको भाग्यशाली मानते हैं और ऐसा माना जाता है कि रामनवमी का व्रत रखने से घर में सुख-समृद्धि आती है।

रामनवमी को लोग बड़े हर्षोंल्लास के साथ मानते हैं और कई शहरों में बड़े स्तर पर मेले भी लगते हैं। लेकिन इस समय कोरोना महामारी के चलते यह त्यौहार सब अपने-अपने घरों में मना रहे हैं।

READ:  CBSE 12th Board Exam 2021 Updates: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लिया परीक्षा रद्द करने का फैसला

Ground Report के साथ फेसबुकट्विटर और वॉट्सएप के माध्यम से जुड़ सकते हैं और अपनी राय हमें Greport2018@Gmail.Com पर मेल कर सकते हैं।