राजस्थान: शासन की ‘नाक के नीचे’ से गायब हुईं 46 अहम फाइलों का अब तक कोई सुराग नहीं

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 जयपुर, 22 जुलाई। राजस्थान के पर्यावरण और पर्यटन विभाग की महत्वपूर्ण 46 फाइलें कुछ ऐसे गायब हुई कि मिलने का नाम ही नहीं ले रही है। ये फाइलें राजस्थान सरकार के शासन सचिवालय की अतिमहत्वपूर्ण फाइलें हैं। इन फाइलों में वन, पर्यावरण और पर्यटन आरटीडीसी की होटलों, वन और टाइगर रिजर्व, राजस्थान स्टेट होटल कॉरपोरेशन, आरटीडीसी की बोर्ड बैठकों के मिनिट्स, खासा कोठी होटल की कालीन चोरी की  जांच से जुड़ी कई अहल फाइल हैं।

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हांलाकि, इस बात का जवाब फिलहाल किसी के पास नहीं है कि इन फाइलों को ढूंढने का काम कहां तक पहुंचा और अब तक कितनी फाइलें मिली हैं। ये फाइलें जयपुर स्थित सचिवालय में अतिरिक्त मुख्य सचिव के कार्यालय में आई थीं।

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हांलाकि इस दौरान तत्कालिन सचिव सुबोध अग्रवाल ने 4 पन्नों का पत्र देते हुए कहा था कि उन फाइलों की एंट्री उनके कार्यालय में तो हुई थी लेकिन फाइलें उनके सामने नहीं आई थी। फाइलों के चोरी होने का मामला तो काफी पुराना है लेकिन बीते महीनें राजस्थान पत्रिका में छपी खबर के बात इस मामले ने तूल पकड़ा।

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वहीं सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, होटल मैनेजमेंट के प्रिंसिपल के. एस. नारायणन के खिलाफ चल रहे भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच की अहम फाइल भी इन 46 फाइलों में शामिल थी। ये फाइल जांच के लिए पर्यटन विभाग के ज्वाइंट सेक्रेटरी राजेंद्र विजय के पास पहुंची थी।

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खास बात ये है कि होटल मैनेजमेंट के प्रिंसिपल के. एस. नारायणन के खिलाफ लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच का जिम्मा ज्वाइंट सेक्रेटरी राजेंद्र विजय को सौंपा गया था लेकिन उन्हीं की नाक के नीचे से ये फाइल भी गायब हो जाती है। राजेंद्र विजय साल 2015 से इस विभाग में पदस्थन है। इस मामले में जब हमने राजेंद्र विजय से फोन पर बात की तो उन्होंने ढुल-मुल जवाब देते हुए फोन कट कर दिया।

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वहीं जब इस मामले में हमने आईएएस अधिकारी और राजस्थान सरकार में नव नियुक्त पर्यटन विभाग के सचिव कुलदीप राका से संपर्क साधने की कोशिश की तो उनसे संपर्क नहीं हो सका। हांलाकि देखना होगा कि नए सचिव कुलदीप राका ज्वाइंट सेक्रेटरी राजेंद्र विजय की नाक के नीचे से गायब हुई 46 अहम फाइलों को लेकर क्या रुख अपनाते हैं।

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