Home » 2023 से पटरी पर दौड़ेंगी निजी ट्रेनें, जानिए 10 बड़ी बातें

2023 से पटरी पर दौड़ेंगी निजी ट्रेनें, जानिए 10 बड़ी बातें

निजी ट्रेनें
Sharing is Important
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

जल्द ही भारतीय रेल नेटवर्क पर निजी ट्रेनें दौड़ती दिखाई देंगी। अप्रैल 2023 तक रेलवे की पटरी पर निजी कंपनियों की ट्रेनें दौड़ने लगेंगी। इन ट्रेनों का संचालन 109 मार्गों पर किया जाएगा। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन वीके यादव ने गुरुवार को कहा कि प्राइवेट ट्रेन के किराए का निर्धारण निजी कंपनियों के प्रतिस्पर्था को देखते हुए तय किया जाएगा। 

10 बड़ी बातें-

01

इन ट्रेनों का किराया निजी कंपनियां ही तय करेंगी यह अब हवाईजहाज यात्रा की तरह होगा। जहां कंपनियां प्रतिस्पर्धा के आधार पर किराया तय करती हैं। किराया बसों और हावाईजहाज से तुलना के बाद ही तय होगा यानि बस से ज्यादा और हवाई जहाज से कम।

02

इस कदम से रेलवे को हो रहे नुकसान को पाटा जा सकेगा। ट्रेनों की नीलामी में बोलियों को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि रेलवे लागत वसूल कर सकेगा यानी कम से कम गारंटी लागत जो कि निजी ट्रेन ऑपरेटरों को हमें चुकानी पड़ेगी। फिलहाल रेलवे को यात्री सेगमेंट में नुकसान उठाना पड़ रहा है। इस कदम से भारतीय रेलवे को लाभा होगा। इन ट्रेनों के रुट की देखरेख और ड्राईवर भारत सरकार का होगा। यानि ढांचागत सारा कामकाज सरकार के ही अधीन होगा। प्राईवेट कंपनियां केवल अलग-अलग रुटों पर ट्रेनें संचालित करेंगी।

यह भी पढ़ें- कोरोना काल में कांवड़ियों का क्या होगा?

यह भी पढ़ें- दवा बनाकर क्या मैंने कोई गुनाह कर दिया, देशद्रोही जैसा व्यवहार क्यों: बाबा रामदेव

03

रेेलवे के नेटवर्क पर यात्री ट्रेनों को चलाने के लिए निजी निवेश के लिये यह पहला कदम होगा। वैसे पिछले साल भारतीय रेलवे खान-पान और पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) ने लखनऊ-दिल्ली तेजस एक्सप्रेस के साथ इसकी शुरुआत हुई थी। फिलहाल आईआरसीटीसी तीन ट्रेनों- वाराणसी-इंदौर मार्ग पर काशी-महाकाल एक्सप्रेस, लखनऊ-नयी दिल्ली तेजस और अहमदाबाद-मुंबई तेजस का परिचालन करता है। 2023 से यह बड़े स्तर पर किया जाएगा। इसमें कई प्राईवेट कंपनियां निवेश कर पाएंगी।

READ:  New drone policy: Everything you need to know
04

इस पहल का मकसद आधुनिक प्रौद्योगिकी वाली ट्रेन का परिचालन है जिसमें रखरखाव कम हो और यात्रा समय में कमी आए। इससे रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलेगा, सुरक्षा बेहतर होगी और यात्रियों को वैश्विक स्तर का यात्रा अनुभव मिलेगा।

05

ट्रेन की शुरुआत और गंतव्य के 109 मार्गों को भारतीय रेलवे नेटवर्क के 12 संकुलों में रखा गया है। प्रत्येक ट्रेन में न्यूनतम 16 डिब्बे होंगे। रेलवे के अनुसार इनमें से ज्यादातर आधुनिक ट्रेनों का विनिर्माण भारत में मेक इन इंडिया के तहत होगा और निजी इकाई उसके वित्त पोषण, खरीद, परिचालन और रखरखाव के लिये जिम्मेदार होंगे। प्राईवेट सेक्टर की एंट्री से भारतीय रेलवे के ढीले रवैये से भी निजात मिल जाएगी।

06

यात्री रेलगाड़ियों की आवाजाही को लेकर 109 मार्गों पर 151 आधुनिक ट्रेनों के जरिये परिचालन के लिए पात्रता अनुरोध आमंत्रित किए गए हैं। रेलवे ने कहा कि इसमें निजी क्षेत्र से करीब 30,000 करोड़ रुपये का निवेश होगा। रेलवे के अनुसार परियोजना के लिये छूट अवधि 35 साल होगी और निजी इकाई को भारतीय रेलवे को ढुलाई शुल्क, वास्तविक खपत के आधार पर ऊर्जा शुल्क देना होगा। इसके अलावा उन्हें पारदर्शी बोली प्रक्रिया के जरिये निर्धारित सकल राजस्व में हिस्सेदारी देनी होगी।

07

ट्रेनों के डिजाइन इस रूप से होंगे कि वे 160 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चल सके। इससे यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी। इन ट्रेनों का परिचालन भारतीय रेलवे के चालक और गार्ड करेंगे। निजी इकाइयों द्वारा संचालित ट्रेनें समय पर संचालित होने और पहुंचने, भरोसेमंद जैसे प्रमुख मानकों को पूरा करेंगे। यात्री ट्रेनों का परिचालन और रखरखाव का संचालन रेलवे द्वारा तय मानदंडों और जरूरतों के अनुसार होंगे।

08

अब तक अडाणी पोट्र्स और मेक माई ट्रिप और एयरलाइन में इंडिगो, विस्तार और स्पाइसजेट ने निजी ट्रेनें चलाने में में रूचि दिखा चुके हैं। इसके अलावा अल्सतॉम ट्रांसपोर्ट, बाम्बार्डियर, सीमेन्स एजी और मैक्वायरी जैसी विदेशी कंपनियां भी इस रेस में भाग ले सकती हैं। रेलवे के अनुसार इन ट्रेनों में यात्रियों को एयरलाइन जैसी सेवाएं मिलेंगी। निजी इकाइयां किराया तय करने के अलावा खान-पान, साफ-सफाई और बिस्तरों की आपूर्ति यात्रियों को करेंगी।

READ:  'Adani' name removed from Mangaluru International Airport
09

भारतीय रेल दुनिया के सबसे बड़े रेल नेटवर्क में से एक है। निजी ट्रेनों के परिचालन से सरकार का बोझ कम होगा साथ ही ट्रेनों में सुविधाएं अच्छी मिल सकेंगी। हालांकि रेलवे देश के गरीबो का रथ माना जाता है। ऐसे में सस्ती यात्रा का दौर जल्द समाप्त हो सकता है।

10

भारतीय रेलवे मुख्यतौर पर भारत सरकार के अधीन ही रहेगा केवल कुछ रुट्स पर निजी ट्रेनें चलेंगी। इसमें सरकारी ट्रेनें भी चलती रहेंगी बस उनकी संख्या कम की जा सकती है। लोगों के पास सरकारी और निजी रेल से सफर का विकल्प हमेशा मौजूद रहेगा। यह वैसा ही है जैसे आप सरकारी और निजी बस में अपनी सुविधा के अनुसार सफर करते हैं।

ग्राउंड रिपोर्ट के साथ फेसबुकट्विटर और वॉट्सएप के माध्यम से जुड़ सकते हैं और अपनी राय हमें Greport2018@Gmail.Com पर मेल कर सकते हैं।