रफाल मुद्दे पर औंधे मुंह गिरे राहुल गांधी, कोर्ट से झटका

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ग्राउंड रिपोर्ट | न्यूज़ डेस्क

रफाल डील पर पीएम मोदी को चोर कहने वाले बयान पर राहुल गांधी को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा झटका दिया है। कोर्ट ने कहा कि रफाल डील पर सवाल नहीं उठाया जा सकता। आगे से राहुल गांधी कोर्ट की टिप्पणियों को आधार बनाकर बयान देने से बचें। कोर्ट उन्हें इस बार छोड़ रहा है क्योंकि वे अपने बयान पर माफी मांग चुके हैं। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि इस मामले में उनके हाथ बंधे हैं। अगर जांच एजेंसियां चाहें तो वे इसमें दखल दे सकती हैं।

राहुल गांधी ने 2018 में राहुल ने अपनी रैली में कोर्ट की एक टिप्पणी को आधार बनाकर कहा थी कि अब तो कोर्ट भी यह मानता है कि प्रधानमंत्री चोर है। राहुल गांधी ने फ्रांस सरकार से भारत की हुई रफाल फाइटर जेट डील पर सवाल खड़े किए थे और कहा था कि प्रधानमंत्री ने इसमें भ्रष्टाचार किया है। कोर्ट ने इस मामले में केंद्र सरकार को क्लीन चिट देते हुए सभी पुनर्विचार याचिकाओं को खारिज कर दिया है।

कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि राहुल का झूठ सामने आ चुका है अब वे देश से आधिकारिक तौर पर माफी मांगें। स्मृति ईरानी ने भी राहुल पर हमला बोलते हुए कहा कि राहुल भारतीय सुरक्षा के मुद्दे पर संवेदनशील व्यवहार कर राष्ट्रनिर्माण में भागीदारी दें।

कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भाजपा को जवाब देते हुए कहा कि भाजपा पूरा फैसला पढ़े बिना बयान दे रही है। सरकार ने अभी भी उठाए गए सवालों का जवाब नहीं दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने यह साफ कहा कि इस मामले में उनके हाथ बंधे हैं, जांच एजेंसियां चाहे तो इसमें जांच कर सकती हैं। इसका मतलब है कि रफाल मामले में अब आपराधिक जांच के रास्ते खुल चुके हैं।

खैर तमाम जवाब सवाल के बीच इतना तो साफ है कि अब रफाल मुद्दे पर सरकार चैन की सांस ले सकती है और राहुल गांधी की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हुए हैं।