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Pulitzer Prize 2020 : तीन कश्मीरी फोटो पत्रकारों को मिला पत्रकारिता की दुनिया का सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार

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भारत के तीन फोटो पत्रकारों को दुनिया में पत्रकारिता का प्रतिष्ठित पुलित्जर पुरस्कार सम्मान मिला है। तीनों जम्मू-कश्मीर के निवासी हैं। एसोसिएटेड प्रेस के अनुसार, पिछले साल जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म किए जाने के बाद की स्थितियों को अपने कैमरे के जरिए लोगों तक पहुंचाने वाले फोटो पत्रकारों यासीन डार, मुख्तार खान और चन्नी आनंद को पुलित्जर फीचर फोटोग्राफी पुरस्कार मिला है।

इन तीनों ने ऐसे समय फोटोग्राफी की जब कश्मीर की कहानी दुनिया दिखा पाना बहुत ही मुश्किल था। अपनी जान को जोखिम में डालकर कभी-कभी अजनबियों के घरों में कवरेज करना जाना होता था। कई बार सब्जियों के बोरों में कैमरे को छिपाना तक पड़ जाता था। यह सभी अंतरराष्ट्रीय न्यूज एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस (एपी) के लिए काम करते हैं। यासिन और मुख्तार श्रीनगर में रहते हैं, जबकि आनंद जम्मू जिले के निवासी हैं। चन्नी आनंद पिछले 20 सालों से एपी के साथ जुड़े हुए हैं।

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सोमवार की देर को हुई इस घोषणा के अनुसार, द न्यू यॉर्क टाइम्स ने सबसे अधिक तीन पुरस्कार जीते हैं। समाचार एजेंसी एएफपी के मुताबिक, ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’, ‘एंकरेज डेली न्यूज’, ‘प्रो पब्लिका’ को पुलित्ज़र पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। पुलित्ज़र पुरस्कार सोमवार को उन समाचार संगठनों को प्रदान किए गए, जिन्होंने भ्रष्टाचार, क़ानून प्रवर्तन और अमेरिका में नस्लवाद जैसे मुद्दे को उजागर किया। इन तीनों को इन्हीं मुद्दें पर रिपोर्ट के लिए पुरस्कार मिले हैं।

क्या है पुलित्जर पुरस्कार

पुलित्जर पुरस्कार की शुरुआत 1917 में की गई थी। यह अमेरिका का एक प्रमुख पुरस्कार है, जो समाचार पत्रों की पत्रकारिता, साहित्य एवं संगीत रचना के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वालों को दिया जाता है। दरअसल, पत्रकारिता और साहित्य के क्षेत्र में दिया जाने वाले पुलित्ज़र पुरस्कार के विजेताओं के नाम की घोषणा पिछले महीने कोरोना वायरस की वजह से स्थगित कर दी थी। यह पुरस्कार वितरण समारोह 20 अप्रैल को होना था। पुलित्जर पुरस्कार देने वाली संस्था ने कहा था कि उस वक्त ज्यादातर पत्रकार महामारी की रिपोर्टिंग करने में लगे हुए थे।

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