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Lakhimpur Kheri violence : अखिलेश को किया रिहा, प्रियंका को रखा गया अभी भी हिरासत में

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Lakhimpur Kheri : लखीमपुर खीरी में चुनावी दौर में हर कोई अपना ठाठ जमाना चाहता है। हर कोई चाहे वो घटना हो या दुर्घटना उसे मुद्दा बनाकर सियासत के दांवपेंच खेलने के लिए इस्तेमाल कर रहा है। मामला कुछ यूं था कि डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य दौरे पर थे जिन्हे लेने जाने के लिए कई गाड़ियां भेजी गई जिनमे से एक गाड़ी केंद्रीय मंत्री के बेटे आशीष उर्फ मोनू मिश्र की बताई गई। सूत्रों के मुताबिक जब मोनू डिप्टी सीएम को रिसीव करने जा रहे थे तब किसानों ने रास्ते में तिकुनिया इलाके में किसानों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया इससे झड़प हो गई। बाद में ऐसा आरोप लगाया गया कि आशीष मिश्रा ने किसानों के ऊपर गाड़ी चढ़ा दी, जिससे 4 लोगों की मौत हो गई। किसानों की मौत के बाद मामला बढ़ गया और हिंसा भड़क गई। हिंसा में बीजेपी नेता के ड्राइवर समेत चार लोगों की मौत हो गई। कुल मिलाकर इस हिंसा में अब तक 8 लोगों की मौत हो चुकी है।

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अखिलेश यादव को किया गया बरी

कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी लखीमपुर जाने के लिए निकलीं लेकिन उन्हें सीतापुर के हरगांव में पुलिस ने हिरासत में ले लिया। वहीं अपने घर के बाहर से हिरासत में लिए गए यूपी के पूर्व सीएम व सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को पुलिस ने रिहा कर दिया है। ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर पीयूष मोर्डिया ने अखिलेश यादव को रिहा करते हुए उनसे कहा कि आप अब जा सकते हैं। लेकिन उन्हें अब भी लखीमपुर खीरी जाने की इजाजत नहीं है।

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झांसी ललितपुर में भी सपा और आम आदमी पार्टी के नेताओं ने किया हंगामा

लखीमपुर खीरी में किसानों की मौत के बाद सोमवार को झांसी और ललितपुर में भी किसान और सपा नेता सड़क पर उतर आए। झांसी के इलाइट चौराहे पर सपा नेताओं ने प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस ने दर्जनों सपा कार्यकर्ताओं और नेताओं को गिरफ्तार कर लिया। इन्हें पुलिस लाइन ले जाया गया। जहां सपाइयों और पुलिस के बीच तीखी नोंक-झोंक हुई। इसके अलावा आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने भी पुलिस लाइन में प्रदर्शन किया।

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प्रियंका गांधी वाड्रा को नहीं मिली बेल

जब लखीमपुर खीरी में दंगे भड़क गए तो वहां की परिस्थितियों को संभालने के लिए वहां पर धारा 144 लगा दी गई जिससे वहां और किसी भी प्रकार के दंगाई मामले ना सामने आएं। ऐसे में सभी सियासी दलों को भी चुपचाप बैठने को कहा गया। लेकिन सपा नेता अखिलेश यादव और प्रियंका गांधी वाड्रा भी लखीमपुर खीरी जाकर वहां का जायजा लेना चाहते थे जिसके चलते अखिलेश यादव अपने घर से निकलने ही वाले थे कि उन्हें रोकने के लिए घर में बंद कर दिया गया जबकि प्रियंका गांधी वाड्रा जब अपने काफिले को लेकर लाखिमपुर खीरी की ओर आगे बढ़ीं तो उनके काफिले को बीच में ही रोककर हिरासत में ले लिया गया जिसके बाद से प्रियंका गांधी अभी भी  हिरासत में ही हैं और उन्हे अभी तक कोई छूट नहीं मिली है।

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