गोली खाएंगे, गिरफ्तारी देंगे पर अब बच्चों का भविष्य खराब नहीं होने देंगेः निजी स्कूल

Sharing is Important
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

बाज़ार खुले हुए हैं, बसों में भीड़ है, सभी कार्यालय खुले हुए हैं, मॉल में ग्राहकों की भीड़ है लेकिन स्कूलों को कोरोना के नाम पर बंद कर दिया गया है. यह बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ है.

ये बातें आरपीएस स्कूल के निदेशक और पब्लिक स्कूल एसोसिएशन के संरक्षक अरविंद कुमार सिंह ने बुधवार को कैम्ब्रीज स्कूल पहड़पुरा में आयोजित सभी निजी विद्यालय संगठनों के संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में कही.
अरविंद कुमार सिंह ने कहा कि अगर 12 तारीख़ से नालंदा, नवादा और शेखपुरा के निजी विद्यालयों को खुलने नहीं दिया गया तो पूरा शिक्षक समाज सड़कों पर उतरेगा और अपनी गिरफ्तारी देगा.

आरपीएस स्कूल के निदेशक अरविंद कुमार सिंह ने सरकार और ज़िला प्रशासन से आग्रह किया है कि स्कूल संचालकों को कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन करते हुए स्कूलों को खोलने की अनुमति दी जाए. अगर ऐसा नहीं हुआ तो बच्चों का भविष्य तो ख़राब होगा ही, शिक्षण कार्य से जुड़े लोग भुखमरी के कगार पर आ जाएंगे.

READ:  प्रशासन की तानाशाही और छात्रों का डीपी विरोध, कब खुलेगा IIMC?

वहीं नालंदा सहोदय क्लस्टर के संरक्षक और नालंदा हेरिटेज स्कूल के निदेशक कर्नल आरएस नेहरा ने प्रशासन को सीधी चुनौती दी है कि वो जेल और गोली खाने को तैयार हैं लेकिन बच्चों का भविष्य खराब नहीं होने देंगे. उन्होंने कहा कि वो करगिल युद्ध में गोली खा चुके हैं तो प्रशासन की लाठी से उन्हें क्या डर!
उन्होंने कहा, “मैं सभी निजी विद्यालयों के संगठनों के आग्रह करता हूं कि एक मंच पर आएं और सड़क पर उतरें. ज्यादा से ज्यादा शिक्षकों के साथ क्या होगा, लाठी खाएंगे, जेल जाएंगे, लेकिन बच्चों और शिक्षकों के साथ अब गलत नहीं होने देंगे.”

बुधवार को हुई बैठक में नालंदा, नवादा और शेखपुरा के सैंकड़ों स्कूलों के 176 प्रतिनिधियों ने भाग लिया. सभी ने एक मत से गुरुवार से आंदोलन करने का निर्णय लिया है.

आंदोलन के तहत गुरुवार को सुबह 10 बजे सभी स्कूल के प्राचार्य और निदेशक आरपीएस स्कूल के प्रागण में जुटेंगे और जिला प्रशासन को स्कूल खोलने के संबंध में ज्ञापन सौंपेंगे.

READ:  Lockdown Again: दूसरी लहर का कहर, तो क्या फिर लगेगा लॉकडाउन?

वहीं शुक्रवार को कारगिल चौक बस स्टैंड से डीएम कार्यालय तक सुबह पैदल मार्च निकाला जाएगा. अगर फिर भी बात नहीं बनी तो शनिवार को सभी स्कूल अपने बसों को लेकर सड़कों पर उतरेंगे और यातायात जाम करेंगे.

नालंदा विद्या मंदिर के निदेशक आशीष रंजन ने कहा कि बिना पढ़ाई और परीक्षाओं के बच्चों को अगली कक्षाओं में भेजा जा रहा है. यह खतरनाक ट्रेंड है. अगर सरकार ऐसा ही चाहती है तो उसे मैट्रिक का सर्टिफिकेट मुफ्त में बच्चों के बीच बांट देना चाहिए.

वहीं मानस भूमि स्कूल के युवा निदेशक शशांक शेखर ने कहा कि पिछले एक साल से स्कूल चलाना मुश्किल हो रहा है. बिना आमदनी के बैंकों के कर्ज भरे जा रहे हैं. शिक्षकों को एक समय तक वेतन दिया गया लेकिन अब स्कूलों की स्थिति वेतन देने की नहीं रही है. शिक्षक भुखमरी के कगार पर आ चुके हैं और वो सब्जी बेचने तक को मजबूर हैं.

READ:  Bihar Board: Matriculation examination results declared

बैठक में आदर्श निकेतन के धर्मेंद्र कुमार, संस्कार पब्लिक स्कूल के विनोद कुमार, प्रोफेसर राजेंद्र प्रसाद, कैम्ब्रिज स्कूल के निदेशक अरविंद कुमार, कौशलेंद्र कुमार सहित सैंकड़ों स्कूल के प्रतिनिधियों ने भाग लिया.

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.