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फीस के लिए प्राइवेट स्कूल नहीं बना सकते दबाब, बच्चे की शिक्षा जरूरी, भोपाल कलेक्टर के निर्देश

School Reopening in Kashmir
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भोपाल कलेक्टर अविनाश लवानिया ने कहा है कि कोई भी प्राइवेट स्कूल बच्चे और उसके अभिभावक पर फीस के लिए दबाव नहीं बना सकते। अगर बच्चे की फीस जमा नहीं है तो भी बच्चे को पढ़ाना होगा। सिर्फ फीस के लिए बच्चे को शिक्षा से वंचित कर देना सही नहीं है। भोपाल कलेक्टरअविनाश लवानिया ने जिला शिक्षा अधिकारी से कहा है कि जिले में चल रहे अशासकीय, सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड के सभी विद्यालय ऑनलाइन अध्यनरत विद्यार्थियों से ट्यूशन फीस (शुल्क) समय पर जमा नहीं करने पर ऑनलाइन क्लास से नहीं रोक सकते हैं।

फीस जमा नहीं होने पर बच्चो की शिक्षा पर गलत असर नहीं पड़ना चाहिए, फीस जमा नहीं होने पर भी उन्हें ऑनलाइन क्लास से पढ़ाई जारी रहे। उन्हें बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराएं। यह निर्देश कलेक्ट्रेट कार्यालय में संपन्न हुई समय-सीमा बैठक में दिये।

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कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया है कि वह ट्यूशन शुल्क ऐसे पालकों जो बच्चों की ट्यूशन फीस या शुल्क समय पर नहीं जमा कर कर पा रहे हैं, बच्चों को शिक्षा और ऑनलाइन क्लासेस से वंचित नहीं किया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए।

कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी से कहा है कि वे प्रत्येक स्कूल में चलाई जा रही ऑनलाइन क्लासेस का डाटा एनालिसिस करें। विद्यालयों में निरीक्षण की कार्यवाही सुनिश्चित करें।ऑनलाइन क्लासेस के माध्यम से कितने बच्चों को शिक्षा प्राप्त हो रही है। इसकी भी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें। बच्चों को उत्कृष्ट और लर्निंग मटेरियल पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराएं। बच्चों को शिक्षकों द्वारा उचित गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त हो, इसके लिए टीचिंग स्टाफ की पर्याप्त व्यवस्थाएं करें। ऑनलाइन क्लासेस के अलावा अन्य गतिविधियों में भी बच्चों को पारंगत करें।

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बैठक में कलेक्टर लवानिया ने अन्य संबंधित विभागों की भी समीक्षा की। समीक्षा के दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि लंबित कार्यों को गति दें और वास्तविक लाभ हितग्राहियों को मिले यह सुनिश्चित करें।

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