पीएम मोदी के दोस्त और इज़रायल के प्रधानमंत्री नेतनयाहू चुनाव हारते दिख रहे!

Sharing is Important
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

इज़रायल में मंगलवार को हुए आम चुनाव के एक्ज़िट पोल्स के नतीजों में प्रधानमंत्री बेनजामिन नेतनयाहू अपने कट्टर विरोधी और पूर्व सेना प्रमुख बेनी गैंटज़ से पिछड़ते नज़र आए.

नेतनयाहू इज़रायल के सबसे लम्बे समय तक प्रधानमंत्री पद पर रहने वाले शख़्स हैं और अब वह पांचवी बार इज़रायल के प्रधानमंत्री बनने का रिकार्ड क़ायम करने में पिछडते दिख रहे हैं. एक्ज़िट पोल्स के पहले चरण के मुताबिक़, नेतनयाहू और उनका दक्षिणपंथी गठबंधन 120 सदस्यीय संसद में बहुमत हासिल करने में असफल दिखा. दो एक्ज़िट पोल्स में गैंट्ज़ की पार्टी ब्लू एंड व्हाइट को थोड़ी बढ़त मिलते हुए दिखाया गया है.

पढ़ें : अमित शाह के इस फ़ैसले के बाद विदेशी चंदा पाने वाले एनजीओ की बढ़ीं मुश्किलें

बुधवार को चुनाव के नतीजे आने शुरू हो जाएंगे, जिसके बाद गठबंधन सरकार बनाने के लिए प्रयास तेज़ हो जाएंगे. इज़रायल के पूर्व रक्षा मंत्री एविगडोर लीबरमैन की दक्षिणपंथी पार्टी इसराइल बेतीनू से भी नेतनयाहू को कड़ी चुनौती मिल रही है.लीबरमैन की पार्टी इन चुनावों में किंगमेकर की भूमिका निभा सकती है और ये तय कर सकती है कि अगली सरकार कौन बनाएगा.

पढ़ें : मोदी सरकार की शिक्षा विरोधी नीतियां?

ग़ौरतलब है कि इसी साल अप्रैल में हुए आम चुनावों में नेतन्याहू की लिकुड पार्टी ने 120 में से सिर्फ़ 35 सीटें जीती थीं और कोई भी गठबंधन बहुमत हासिल नहीं कर सका था. 5 महीने के अंदर हुए दूसरे चुनाव में इज़रायल में किसी भी ब्लॉक को बहुमत मिलता नहीं दिख रहा है. मतगणना अंतिम चरण में. नेतनयाहू की लिकुड पार्टी को 31 सीटों पर बढ़त. मुख्य विपक्षी दल ब्लू & व्हाइट पार्टी को 32 सीटों पर बढ़त.

पढ़ें : हम अमेरिका के किसी दबाव से दबने वाले नहीं, अमेरिका को घुटनों पर ला देंगे

लिकुड नीत दक्षिणपंथी गठबंधन 56 और ब्लू व्हाइट के नेतृत्व वाली सेंटर लेफ्ट को 55 सीटों पर बढ़त. 120 सदस्यीय संसद में सरकार बनाने के लिए 61 सांसदों की आवश्यकता होती है. अप्रैल में हुए आम चुनाव में किसी भी दल के 61 सदस्यों का समर्थन नहीं जुटा पाने के बाद दोबारा चुनाव हो रहे हैं. मतगणना लगभग पूरी हो चुकी है पुनर्मतगणना के बाद ही परिणामों का एलान किया जाएगा.

फिलहाल किसी भी पार्टी को बहुमत मिलता नहीं दिख रहा है. समर्थन वाली सरकार बनने की उम्मीद लगाई जा रही है.