प्रशांत किशोर हैं ममता बनर्जी की पार्टी में टूट का कारण

ममता बनर्जी की पार्टी में टूट का कारण कहीं प्रशांत किशोर तो नहीं हैं?

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पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी टूट की कगार पर पहुंच गई है। विधानसभा चुनावों के ठीक पहले पार्टी के कई बड़े नेता धीरे-धीरे पार्टी का दामन छोड़ते जा रहे हैं। आगामी विधानसभा चुनावों में टीएमसी का इलेक्शन कैंपेन और स्ट्रैटजी प्रशांत किशोर तैयार कर रहे हैं। खबरें हैं कि प्रशांत किशोर की दखलंदाज़ी और पार्टी में बढ़ते प्रभाव से पार्टी के बड़े नेता नाराज़ हैं।

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कौन हैं प्रशांत किशोर?

प्रशांत किशोर देश के जाने माने चुनव रणनीतिकार हैं। 2014 में नरेंद्र मोदी के लिए कैंपेन करने के बाद प्रशांत किशोर कई क्षेत्रीय पार्टियों के लिए चुनावी रणनीति बनाने का काम कर चुके हैं। प्रशांत किशोर की रणनीति और पब्लिक रेलेशन कैंपेन के सहारे कई पार्टियों को फायदा हुआ है। अब वो बंगाल में ममता बनर्जी के लिए काम कर रहे हैं।

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क्या हो रहा है बंगाल में?

बंगाल में ममता बनर्जी की पार्टी की इस बार सीधी टक्कीर भाजपा से होने वाली है। बीजेपी आगामी चुनावों में ममता बनर्जी की पार्टी को शिकस्त देने के लिए हर हथकन्डे अपना रही है। चुनावों के ठीक पहले ममता की पार्टी के कई बड़े नेताओं ने पार्टी से दूरी बना ली है। इसमें सबसे बड़ा ना कैबिनेट मंत्री रहे सुवेंदु अधिकारी का रहा है। ममता का दाहिना हाथ माने जाने वाले सुवेंदु बागी हो गए हैं और जल्द ही उनके भाजपा में शामिल होने के कयास भी लगाए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि सुवेंदु पार्टी में उनकी कम होती अगमियत से नाराज़ थे साथ ही पार्टी में प्रशांत किशोर के दखल से भी वो नाराज़ थे।

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