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लोगों ने पहले भी ऐसे नेताओं को दी है सज़ा: प्रणब मुखर्जी

pranab mukherji
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ग्राउंड रिपोर्ट । न्यूज़ डेस्क

इंडिया फाउंडेशन की तरफ से रखे गए अटल बिहारी वाजपेयी मेमोरियल लेक्चर में पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी  ने कहा-

हो सकता है कि लोगों ने किसी पार्टी को प्रचंड बहुमत दिया हो, लेकिन भारतीय चुनावों के इतिहास में ऐसा कभी नहीं रहा, जब वोटर्स ने सिर्फ एक ही पार्टी को समर्थन दिया हो। भारतीय मतदाताओं का यही संदेश राजनीतिक खिलाड़ियों ने कभी साफतौर पर नहीं समझा। पूर्व राष्ट्रपति ने कहा कि जब संसद में हमारे पास जबर्दस्त बहुमत होता है, तो हमें लगता है कि हम सब कुछ कर सकते हैं। लेकिन यहां हम गलत होते हैं। लोगों ने पहले कई बार ऐसे नेताओं को सजा दी है। 

प्रणब मुखर्जी, पूर्व राष्ट्रपति

प्रणब मुखर्जी के वक्तव्य की खास बातें-

1.चुनाव में जबर्दस्त बहुमत मिलने का मतलब है कि आप स्थिर सरकार बना सकते हैं। जबकि लोकप्रिय बहुमत न मिलने से आप बहुसंख्यकवाद की सरकार नहीं बना सकते। यही हमारे संसदीय लोकतंत्र का संदेश और खूबसूरती है।

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2. संसद की कार्यवाही में बाधा डालना कुछ और नहीं बल्कि सदस्यों का मजाक उड़ाने जैसा है। इन सब चीजों से बचने की जरूरत है।

3. आखिरी बार लोकसभा में सीटें 1977 में बढ़ाई गई थीं। यह 1971 की जनगणना पर आधारित था, जो कि तब 55 करोड़ थी। आज जनसंख्या लगभग दोगुनी हो चुकी है। इसलिए परिसीमन को बदलने की बड़ी जरूरत है।  साथ ही लोकसभा की सीटें बढ़ाकर 1000 तक की जानी चाहिए। 

4.आज एक लोकसभा सीट पर 16-18 लाख लोग हैं। इसलिए सांसदों से मतदाताओं के संपर्क में रहने की उम्मीद नहीं की जा सकती।