PMMSY : क्या है ‘प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना’ और कैसे किसान इसकी मदद से अपनी आय दोगुनी कर सकते हैं ?

PMMSY : क्या है ‘प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना’और कैसे किसान इसकी मदद से अपनी आय दोगुनी कर सकते हैं ?

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प्रधानमंत्री मोदी ने बृहस्पतिवार को 20,050 करोड़ रुपये की प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना (PMMSY) का शुभारंभ किया। इस योजना का मकसद किसानों की आय दोगुनी करने के सरकार के लक्ष्य के तहत मत्स्यपालन क्षेत्र का निर्यात बढ़ाना है। वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए आयोजित इस कार्यक्रम के जरिए प्रधानमंत्री ने मत्स्यपालन तथा पशुपालन क्षेत्र के लिए कई और योजनाओं की शुरुआत की। इस योजना की शुरुआत बिहार से हुई है।

बताते चलें कि इस योजना के शुरु होने से लगभग 55 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा। इतना ही नहीं योजना के तहत पांच में लगभग 70 लाख टन मछली का उत्पादन हो सकेगा। यह मछली के निर्यात में दोगुनी बढ़ोतरी होकर एक लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान है।

पीएम की PMMSY योजना के तहत 20,050 करोड़ रुपये मत्स्य क्षेत्र के लिए अभी तक का सबसे बड़ा फंड है। इस फंड में मरीन, एक्वाकल्चर और इनलैंड फिशरीज में लगभग 12340 करोड़ रुपये निवेश किए जाएंगे। इसके अलावा 7710 करोड़ रुपये का निवेश फिशरीज इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए प्रस्तावित है।

योजना के तहत उन सभी मछुआरों को फायदा होगा जो समुद्री तुफान, बाढ़ या फिर चक्रवात जैसी किसी अन्य प्राकृतिक आपदा से ग्रस्त होगे। इसके साथ साथ मछली पालन करने वाले लोगों को इसमें तीन लाख तक के लोन के लिए किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होगी।

इसके साथ ही मोदी ने मोबाइल ऐप ई-गोपाला का भी शुभारंभ किया। यह ऐप किसानों को पशुधन के लिए ई-मार्केटप्लस उपलब्ध कराएगी। साथ ही प्रधानमंत्री ने पूर्णिया में अत्याधुनिक सुविधाओं वाले वीर्य केंद्र का भी उद्घाटन किया। इस पर 84.27 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है। इस केंद्र के लिए बिहार सरकार ने 75 एकड़ जमीन उपलब्ध कराई है।

पीएम ने कहा कि ई-गोपाला एप एक ऐसा डिजिटल माध्यम होगा जिससे पशुपालकों को उन्नत पशुधन को चुनने में आसानी होगी, उनको बिचौलियों से मुक्ति मिलेगी। ये एप पशुपालकों को उत्पादकता से लेकर उसके स्वास्थ्य और आहार से जुड़ी तमाम जानकारियां देगा।

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