Home » HOME » क्या सोनिया गांधी की इजाज़त के बिना पीएम रिलीफ फंड से पैसा नहीं निकाला जा सकता?

क्या सोनिया गांधी की इजाज़त के बिना पीएम रिलीफ फंड से पैसा नहीं निकाला जा सकता?

Sharing is Important

Ground Report | News Desk

सोशल मीडिया पर इन दिनों एक पोस्ट वायरल है जो दावा करता है कि प्रधानमंत्री मोदी ने कोरोनावायरस में देश की मदद के लिए पीएम केयर फंड (PM Care Fund) बनाया क्योंकि पहले से मौजूद पीएम रिलीफ फंड (PM Relief Fund) जिसे जवाहरलाल नेहरु ने बनाया था का इस्तेमाल प्रधानमंत्री तब तक नहीं कर सकते जब तक उसे कांग्रेस अध्यक्ष की अनुमति न हो। यह पोस्ट पूरी तरह फेक और प्रोपगेंडा से भरा हुआ है। जानिए क्या है पीएम रिलीफ फंड की असलियत और क्या कहता है यह वायरल पोस्ट-

वायरल पोस्ट का दावा

क्या है सच्चाई?

PM Relief Fund यानी प्रधानमंत्री राहत कोष की स्थापना 1948 में की गई थी, इसका उद्देश्य देश में आई किसी आपदा या संकट के समय राहत कार्य के लिए दान प्राप्त करना है। देश में जब भी बाड़, भूकंप या कोई आपदा आती है तो लोग प्रधानमंत्री राहत कोष में दान करते हैं। पीएम रिलीफ फंड की वेबसाईट के अनुसार यह फंड सीधे प्रधानमंत्री के अंतर्गत आता है। प्रधानमंत्री अपने विवेक अनुसार इस फंड का इस्तेमाल राहत कार्य में कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें किसी की अनुमति की आवश्यकता नहीं है। 1985 तक कांग्रेस अध्यक्ष इस फंड के ट्रस्टी होते थे जिसे 1985 में पूरी तरह सरकार के अधीन कर दिया गया। 1985 में दिल्ली हाई कोर्ट ने इस फंड के मैनेजमेंट की ज़िम्मेदारी प्रधानमंत्री को सौंप दी थी। प्रधानमंत्री एक सेक्रटरी नियुक्त कर इस फंड की देखरेख कर सकते हैं।

READ:  अभिव्यक्ति की आज़ादी पर मंड़राते ख़तरे को पहचानना ज़रूरी…!

यानी इस पोस्ट में किया गया दावा पूरी तरह गलत है। और यह पोस्ट एक पार्टी विशेष के खिलाफ प्रोपगेंडा है।

ग्राउंड रिपोर्ट के साथ फेसबुकट्विटर और वॉट्सएप के माध्यम से जुड़ सकते हैं और अपनी राय हमें Greport2018@Gmail.Com पर मेल कर सकते हैं।