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PM CARES FUND: सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया आदेश, जानिए क्या था विवाद?

सुप्रीम कोर्ट में किसान आंदोलन पर सुनवाई
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जब देश कोरोना महामारी की चपेट में आया तो सरकार को अस्पतालों में वेंटीलेटर और स्वास्थ्य व्यवस्था दुरुस्त करनी थी। देश में लॉकडाउन हो गया, ज़िंदगी थम सी गई। ऐसी भयंकर आपदा के समय प्रधानमंत्री मोदी ने PM CARES FUND की स्थापना की और देश भर में लोगों से इस कोष में दान करने की अपील की। कई बड़ीृ-बड़ी हस्तियों, कंपनियों, उद्योगपतियों और आम जन ने अपनी कुव्वत के हिसाब से इस राहत कोष में दान दिया। देखते ही देखते इस फंड में करोड़ों रुपए इकट्ठे हो गए। विपक्ष ने इसपर सवाल उठाना शुरु कर दिया। उन्होंने सवाल किया कि जब देश में पहले से राष्ट्रीय आपदा कोष मौजूद है तो फिर अलग से नया फंड बनाने की क्या ज़रुरत पड़ी। फिर यह मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा और सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले पर सुनवाई के बाद अपने फैसले में कहा है कि पीएम केयर्स फंड (PM CARES FUND) के पैसे को राष्ट्रीय आपदा राहत कोष (NDRF) में ट्रांसफर करने या फिर जमा करने का आदेश नहीं दे सकते हैं। इसको लेकर दायर याचिका को खारिज करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि नए राष्ट्रीय आपदा राहत योजना की कोई आवश्यकता नहीं है।

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कितना पैसा इकट्ठा हुआ है PM CARES FUND में?

पीएम केयर्स फंड को लेकर उठे विवादों के बीच उसकी आधिकारिक वेबसाइट पर कुछ सवालों के जवाब दिए हैं। जिसमें बताया गया है कि इसमें इक्ट्ठा हुए पैसे कितने हैं और इसका कहां-कहां इस्तेमाल किया गया है। इसके अनुसार साल 2019-20 के दौरान इस फंड में अब तक 3076.62 करोड़ रुपया इकट्ठा हुआ है। जो एक और सवाल विपक्ष खड़ा करता है वह यह कि पीएम केयर फंड में सबकुछ पारदर्शी नहीं है। वो यह सवाल उठाते हैं कि इस पैसे का कहां इस्तेमाल हुआ इसका ब्यौरा सरकार दे। वेबसाईट पर मौजूद जानकारी के मुताबिक 1- 2000 करोड़ रुपए से भारत में बने 50 हजार वेटिंलेटर देश के सरकारी अस्पतालों में बांटे गए। 1 हजार करोड़ रुपये प्रवासी मजदूरों पर खर्च किए गए और 100 करोड़ रुपए वैक्सीन बनाने के लिए दिये गए।

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क्या है विवाद?

पीएम केयर फंड को लेकर सबसे पहला विवाद तो यही है कि जब पहले से पीएम रिलीफ फंड मौजूद था तो नया कोष क्यों बनाया गया। दूसरा पीएम केयर फंड के सीएजी ऑडिट को लेकर भी सबकुछ स्पष्ट नहीं हैं। जब RTI लगाकर इससे संबंधित जानकारी मांगी गई तो पीएमओ की तरफ से यह कहते हुए इनकार कर दिया कि सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 2 (एच) के तहत PM CARES FUND ‘सार्वजनिक प्राधिकरण’ नहीं है।

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