Home » वो फूलन देवी जिसने गैंगरेप का बदला लेने के लिए 22 ठाकुरों को मार दी थी गोली

वो फूलन देवी जिसने गैंगरेप का बदला लेने के लिए 22 ठाकुरों को मार दी थी गोली

phoolan-devi-the-tale-of-a-bandit-queen
Sharing is Important
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

Phoolan Devi : दस्यु सुंदरी फूलन देवी ये नाम तो आपने सुना होगा। एक वक्त था जब पूरे चंबल में फूलन देवी की दहशत हुआ करती थी। बीहड़ो से निकलकर संसद और सिनेमा जगत में फूलन का नाम चर्चा का केंद्र रहा है। आज ही के दिन 25 जुलाई 2001 को फूलन देवी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। अपने आत्म समर्पण के बाद फूलन देवी ने चंबल से लेकर संसद तक का सफर तय किया।

तब चंबल में सरकार से ज्यादा फूलन देवी के चर्चे थे
आज की पीढ़ी के लोग भले ही फूलन देवी को नहीं जानती हो लेकिन लेकिन 80-90 का वो दशक जब चंबल के चप्पे-चप्पे में सरकार से ज्यादा फूलन देवी की चर्चा हुआ करती थी। उत्तर प्रदेश के जालौन में 10 अगस्त 1963 को घूरा का पुरवा में फूलन का जन्म हुआ था। गरीब और ‘छोटी जाति’ में जन्मी फूलन देवी में पैतृक दब्बूपन नहीं था। फूलन के पिता एक मल्लाह थे। फूलन ने अपनी मां से सुना था कि चाचा ने उनकी जमीन हड़प ली थी। दस साल की उम्र में अपने चाचा से भिड़ गई। इस गुस्से की सजा फूलन को उसके घरवालों ने भी दी।

Women’s Day : अस्मिता बचाने को ‘महिला शक्ति की मिसाल’ का जवाब थीं वो दलित महिला

READ:  Shardiya navratri 2021 : आने वाली हैं शारदीय नवरात्रि, जानिए कब पड़ रही है कौन सी तिथि?

3 हफ्ते तक गैंगरेप, कैद से छूटने के बाद 22 ठाकुरों की हत्या की
महज 10 साल की उम्र में एक 30-40 उम्र के एक अधेड़ से फूलन देवी की शादी कर दी गई। इसके बाद फूलन की जिंदगी में कई मोड़ आए। वहीं ठाकुरों ने फूलन देवी का अपहरण कर बेहमई में करीब 3 हफ्ते तक गैंगरेप किया। ठाकुरों की कैद से छूटने के बाद फूलन डाकुओं की गैंग में शामिल हो गई। साल 1981 में फूलन बेहमई गांव लौटी। उसने दो लोगों को पहचान लिया, जिन्होंने उसके साथ रेप किया था। बाकी के बारे में पूछा, तो किसी ने कुछ नहीं बताया। इसके बाद फूलन ने 22 ठाकुरों को घर से निकालकर गोली मार दी और अपने दुष्कर्म का बदला लिया।

दिलचस्प है आत्मसमर्पण का किस्सा
साल 1983 में फूलन देवी ने आत्मसमर्पण कर दिया। लेकिन फूलन के आत्मसमर्पण का किस्सा भी दिलचस्प है। फूलन ने अपने आत्मसमर्पण को लेकर एक शर्त रखी थी कि वह पुलिस के सामने हथियार नहीं रखेगीं बल्की राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और दुर्गा माता के सामने ही समर्पण करेगी। वहीं उत्तर प्रदेश में मुलायम सिंह की सरकार ने 1993 में फूलन पर लगे सारे आरोप वापस लेने का फैसला किया। साल 1994 में फूलन जेल से छूट गईं। उम्मेद सिंह से फूलन की शादी हुई। वहीं साल 1996 में फूलन देवी ने समाजवादी पार्टी से चुनाव लड़ा मिर्जापुर से सांसद बनीं।

READ:  Amarinder Singh left Congress party : पंजाब के पूर्व सीएम अमरिंदर सिंह ने क्यों कहा अलविदा, जानिए यह खास कारण।

आज ही के दिन फूलन देवी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी
25 जुलाई 2001 को शेर सिंह राणा फूलन से मिलने आया। उसने इच्छा जाहिर की कि फूलन के संगठन ‘एकलव्य सेना’ से जुड़ेगा। उसने घर के गेट पर फूलन को गोली मार दी। फूलन देवी की हत्या के मामले में 14 अगस्त 2014 को दिल्ली की एक अदालत ने शेर सिंह राणा को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

Ground Report के साथ फेसबुकट्विटर और वॉट्सएप के माध्यम से जुड़ सकते हैं और अपनी राय हमें Greport2018@Gmail.Com पर मेल कर सकते हैं।