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महिलाओं को यूरीनरी ट्रेक्ट में होने वाले इंफेक्शन से बचाने के लिए ऐसे काम कर रहा है ‘PEESAFE’

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ग्रामिण इलाकों के लोगों खास तौर पर महिलाओं में शौचालय का उपयोग करने के दौरान साफ-सफाई और संक्रमण से बचाने के लिए 'वॉटरएड इंडिया' एनजीओ की मदद से 'हर पीडब्ल्यू आर' जागरुकता अभियान चलाया जा रहा है।

नई दिल्ली, 18 जुलाई। लोगों में शौचालय का उपययोग करने के दौरान हाईजीन और संक्रमण की समस्या होना आम बात हो गई है। हर दूसरा शख्स टॉयलेट का उपयोग करने के दौरान संक्रमण का शिकार हो जाता है। आंकड़ों के मुताबिक भारत में 50 फीसदी से ज्यादा महिलाएं शौचालय का उपयोग करने के दौरान अपने जीवन में कम से कम एक बार इस तरह के संक्रमण का शिकार होती हैं। शहरी और इटेलियन टॉयलेट यूज करने वाली महिलाओं को कुछ इसी तरह के संक्रमण से बचाने के लिए हाल ही में पीसेफ कंपनी ने संक्रमण से बचाने के लिए ‘पीसेफ’ नाम का एक स्प्रे लॉन्च किया है।

वहीं दूसरी ओर ग्रामिण इलाकों के लोगों खास तौर पर महिलाओं में शौचालय का उपयोग करने के दौरान साफ-सफाई और संक्रमण से बचाने के लिए ‘वॉटरएड इंडिया’ एनजीओ की मदद से ‘हर पीडब्ल्यू आर’ जागरुकता अभियान चलाया जा रहा है।

भारत में महिलाओं में स्वच्छता के प्रति पर्याप्त जागरूकता न होना और पेशाब के दौरान यूरीनरी ट्रैक में होने वाले संक्रमण और उससे होने वाले गंभीर परिणामों को रोकने के लिए, स्वच्छ पानी, बेहतर साफ-सफाई और शौच के बाद हाथ धोने की महत्ता के प्रति जागरूकता फैलाने के मकसद से ‘वॉटर ऐड’ काम कर रहा है।

ग्रामिण इलाकों में जागरुकता की कमी के चलते आसपास स्वच्छता और साफ-सफाई का न होना भी इस संक्रमण का मुख्य कारण है। कंपनी के मुताबिक पीसेफ के प्रॉडक्ट पर खर्च होने वाले पैसे का कुछ हिस्सा ग्रामिण इलाकों में टॉयलेट्स के निर्माण, बेहतर साफ-सफाई और जागरुकता अभियान पर खर्च होंगे।

इस मामले में पीसेफ के संस्थापक विकास बागरिया ने बताया कि हम स्वच्छ भारत में इस तरह से मदद करके काफी खुश हैं। यह अभियान लोगों को स्वच्छता और साफ-सफाई के प्रति जागरुक करने के मकसद से चलाया जा रहा है। इस अभियान की मदद से गंदे शौचालय के प्रयोग से पैदा होने वाली बीमारी की रोकथाम में मदद मिलेगी।

यह अभियान लोगों को स्वस्छ और बेहतर शौचालयों की उपयोगिता को समझाने में मदद करेगा और लोगों को स्वच्छ शौचालयों का प्रयोग करने के प्रति प्रोत्साहित करेगा। इसमें मुख्य रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाली महिलाओं में साफ-सफाई और स्वच्छता के महत्व का प्रचार-प्रसार करना है। इस प्रयास के जरिए समाज के हाशिए के लोगों के जीवन में स्वस्छता के प्रति सकारात्मक परिवर्तन आएंगे। इसे उन्हें साफ-सफाई का महत्व खुले में शौच की जगह टॉयलेट के प्रयोग के फायदे पता चलेंगे।

क्या है वॉटर ऐड
वॉटर ऐड इंडिया एक अंतरराष्ट्रीय गैर लाभकारी संस्था है, जो हर शख्स को हर जगह पीने के साफ पानी, साफ सुथरे और बेहतर टॉयलेट्स और बेहतर साफ-सफाई मुहैया कराने की दिशा में काम करती है। अगर

यह संगठन भारत में 1986 से कार्यरत है। इस दौरान वॉटर ऐड ने सफलतापूर्वक साफ पानी, स्वच्छता और साफ-सफाई की बेहतर परियोजनाओं को लागू किया है। इसके तहत भारत के 29 राज्यों में से 11 से अधिक राज्यों में सबसे गरीब और स्वच्छता के लिहाज से संवेदनशील समुदाय को महत्वपूर्ण लाभ मुहैया कराने की मुहिम जारी है।

क्या है पीसेफ
पीसेफ भारत में रोजाना घरों में इस्तेमाल किए जाने वाले उन प्रोडक्ट्स में है जिन्हें वॉशरूम में गंदगी और स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों से निपटाने में मदद करता है। यह लोगों को संक्रमण, बीमारियों से मुक्ति दिलाने और साफ-सफाई का बेहतर अहसास दिलाने में मदद करता है।
हाल ही में इसे इमर्जिंग हेल्थ ब्रैंड ऑफ द ईयर, बेस्ट हेल्थ स्टार्टअप ऑफ द ईयर, इंडिया हेल्थ एंड वेलनेस अवॉर्ड 2017 से सम्मानित किया गया है। दोहा में पीसेफ के साथ 360 नॉटिका ने 5 से ज्यादा सालों के लिए जीसीसी (खाड़ी सहयोग परिषद) के देशों में टॉयलेट सीट सेनिटाइज़र स्प्रे की 4 मिलियन डॉलर की वार्षिक आपूर्ति के अनुबंध पर हस्ताक्षर किए हैं।

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