पथरिया विधायक रामबाई के फरार पति भिंड से गिरफ्तार, एसटीएफ ने हटा न्यायालय में किया पेश

Sharing is Important
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

हटा के बहुचर्चित कांग्रेस नेता देवेंद्र चौरसिया हत्याकांड में फरार चल रहे पथरिया विधायक रामबाई सिंह के आरोपी पति गोविंद सिंह की भिंड से गिरफ्तारी के बाद रविवार शाम करीब चार बजे ग्वालियर और जबलपुर एसटीएफ की टीम आरोपित को लेकर हटा पहुंची। जहां सिविल अस्पताल हटा में स्वास्थ्य परीक्षण के बाद आरोपित गोविंद सिंह को अपर सत्र न्यायालय हटा में पेश किया गया। इसके बाद यहां से उसे पांच दिन की रिमांड पर लिया गया ताकि आगे की पूछताछ की जा सके। 


सरेंडर करने के पहले वीडियो वायरल किया


गौरतलब है कि रविवार की सुबह एक वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल हुआ था जिसमें आरोपी गोविंद सिंह ने अपने आपको निर्दोष बताते हुए भिंड में पुलिस के पास सरेंडर करने की बात कही थी। आरोपी गोविंद सिंह वीडियो में कह रहा था कि यह वीडियो 27 मार्च सुबह पांच बजे बनाया गया है इसके बाद वह भिंड पुलिस के पास सरेंडर करेगा। इसके बाद एक और वीडियो वायरल हुआ जिसमें वह भिंड में बस स्टैंड के पास सरेंडर की बात कह रहा था।

READ:  पहली बार राम मंदिर के निर्माण के बाद हो रही है श्रीराम रन , 52 देशों के लोग लेंगे हिस्सा


विधायक रामबाई ने भी वायरल किया वीडियो 


इसके बाद पथरिया विधायक रामबाई सिंह का एक वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल हुआ। जिसमें वह कह रही थी कि उनके पति ने भिंड में पुलिस के पास सरेंडर कर दिया है। हालांकि दमोह पुलिस के द्वारा इस बात की पुष्टि नहीं की जा रही थी। बाद में ग्वालियर एसपी के द्वारा इस बात की पुष्टि की गई और दोपहर में दमोह एसपी हेमंत चौहान ने बताया था कि गोविंद सिंह की गिरफ्तारी हो चुकी है।


अवकाश में खुला न्यायालय, पुलिस छावनी में तब्दील


रविवार को आरोपित गोविंद सिंह को एसटीएफ की टीम ने हटा न्यायालय लेकर पहुंची। आरोपित के न्यायालय पहुंचने के पूर्व ही हटा एसडीओपी भावना दांगी की मौजूदगी में न्यायालय परिसर को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया और अन्य पुलिस थानों से भी पुलिस बल बुलाया गया। एसटीएफ की महिला डीएसपी रोशनी, डीएसपी ललित कश्यप, टीआई गणेश सिंह के साथ पुलिस बल आरोपित को लेकर हटा पुलिस थाने पहुंचा और आरोपित को सौंप दिया। जिसे अवकाश कालीन न्यायाधीश न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया और वहां से हटा पुलिस ने पांच दिन का रिमांड मांग लिया। जिससे आरोपित से पूछा जा सके कि वह इतने दिनों तक कहां फरार रहा।

READ:  दमोह विधानसभा में होने वाले चुनाव के लिए भाजपा के प्रत्याशी ने भरा अपना नामांकन


सुप्रीम कोर्ट ने मप्र सरकार और पुलिस को लगाई थी फटकार


दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने आरोपित की गिरफ्तारी न होने पर मप्र सरकार और पुलिस को फटकार लगाई थी। जिसके बाद एसटीएफ की टीम ने आरोपित की गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए थे। इसके पहले विधायक रामबाई के घर के पास शासकीय भूमि पर किया गया अतिक्रमण भी हटाया गया और करीब 13 लोगों को आरोपित बनाकर जेल भेजा गया।