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‘सिंध हिंदुस्तानी सभ्यता का जन्मस्थान है, वहीं से सभी हिंदुओं की सफाई की जा रही है’

Pakistan : Sindh birthplace of Hindustani civilization cleansed all Hindus
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पाकिस्तान में हिन्दुओं पर होने वाले अत्याचार की खबरें भले ही आम हो लेकिन बीते दिनों यहां सिंध प्रान्त में हुई एक घटना ने सभी को हिलाकर रख दिया है। खबर है कि सिंध के मीरपुरखास जिले के फूलदोन कस्बे में रहने वाले सभी हिन्दुओं की संपत्तियों को कुछ असामाजिक तत्वों ने जला दिया। हिन्दू और ईसाई यहां अल्पसंख्यक हैं।

करांची के रहने वाले वाले अल्पसंख्यक हिन्दू लेखक और समाजसेवी वाजीश परतब ने इस घटना की तस्वीरें और जानकारी ट्वीट करते हुए स्थानीय प्रशास और मीडिया से सवाल करते हुए पूछा कि अब आप लोग कहां हैं? बीते सप्ताह घटी इस घटना का पाकिस्तान की मेन स्ट्रीम मीडिया में इस बात का कहीं कोई जिक्र दिखाई नहीं दिया।

वाजीश के मुताबिक, सिंध के एक शहर फूलदोन में हिंसक भीड़ ने हिंदुओं की संपत्तियों को जलाकर पूरी तरह नष्ट कर दिया। हिंदुओं के खिलाफ ईश-निंदा कानून का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है।

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लोकल मीडिया रिपोर्ट्स और ट्वीटर के मुताबिक, इलाके में अल्पसंख्यक हिन्दुओं के खिलाफ ये हिंसा एक षड्यंत्र के तहत शुरू हुई थी। ईश-निंदा कानून के अंतर्गत एक रमेश नामक एक हिन्दू डॉक्टर को पहले फंसाया गया और फिर वहां की हिन्दू आबादी को निशाना बनाया गया।

मौलवी की शिकायत पर पुलिस ने डॉक्टर की गिरफ्तारी की। मौलवी ने पुलिस से शिकायत करते हुए कहा था कि आरोपी डॉक्टर ने एक पवित्र किताब के पन्ने को फाड़ कर उसमें दवाइयां लपेटीं। इसके बाद पुलिस अधिकारी जाहिद हुसैन लेघरी ने फौरन डॉक्टर को गिरफ्तार कर लिया। इस गिरफ्तारी के बाद हिंसक भीड़ ने इलाके सभी घरों और संपत्तियों को आग के हवाले कर दिया।

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वहीं इस पूरे घटनाक्रम पर चिंता जाहिर करते हुए पाकिस्तानी मूल के कनेडियन पत्रकार और लेखक तारेक फ़तेह ट्वीट कर कहा, सिंध हिंदुस्तानी सभ्यता का जन्मस्थान है और वहीं से सभी हिंदुओं की सफाई की जा रही है। सिंधु रो रही है। मोहनजोदड़ो रो रहा है क्योंकि बिन कासिम के कमीने अपना गजवा-ए-हिन्द चला रहे हैं। हमें एक और राजा दाहिर चाहिए।

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