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GTB अस्पताल में खत्म होने वाली थी ऑक्सीज़न, जानिए कैसे बचाई गई 500 जानें

GTB अस्पताल में समय रहते पहुंचा ऑक्सीज़न टैंकर
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दिल्ली में ऑक्सीज़न की कमी से GTB अस्पताल में एक बड़ा हादसा होने से टल गया। दिल्ली सरकार के मंत्रियों द्वारा समय से उठाई गई आवाज़ और केंद्र सरकार के तत्काल मदद से इस हादसे को टाल दिया गया। लेकिन लगातार देश के अलग-अलग हिस्सों से ऑक्सीज़न की कमी की खबरें आ रही हैं। ऐसे में यह एक बड़ा ही चिंता का विषय बना हुआ है।

पूरा घटनाक्रम

दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सतेंद्र जैन ने मंगलवार शाम को पीयूष गोयल को ट्वीट कर कहा कि दिल्ली के GTB अस्पताल में ऑक्सीज़न खत्म होने वाली है। यह दिल्ली का सबसे बड़ा कोविड अस्पताल है। यहां 500 से ज्यादा कोविड मरीज़ ऑक्सीज़न पर हैं।

अस्पताल में केवल सुबह 2 बजे तक का ही ऑक्सीज़न बचा था। उन्होंने केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल से मदद मांगी। बुधवार सुबह ऑक्सीज़न खत्म होने के महज़ आधे घंटे पहले 1:30 बजे ऑक्सीज़न का टैंकर अस्पताल पहंचा। तब जाकर सभी ने राहत की सांस ली।

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इंडिया टूडे की खबर के मुताबिक वहां के रेज़ीडेंट डॉक्टर ने बताया कि उन्होंने सभी उम्मीदें खो दी थी। समय खत्म होता जा रहा था। हम सभी किसी चमत्कार की उम्मीद कर रहे थे। क्योंकि अस्पताल में कोविड 500 गंभीर मरीज़ भर्ती थे। जैसे ही टैंकर अस्पताल परिसर में पहुंचा पूरे स्टाफ की आंखों में आंसू थे।

अगर ऑक्सीज़न का टैंकर अस्पताल समय पर नहीं पहुंचता तो एक बहुत बड़ा हादसा हो सकता था।

क्यों खत्म हो गई ऑक्सीज़न?

दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सतेंद्र जैन ने केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल को बताया कि ऑक्सीज़न सप्लाई करने वाली कंपनी M/S INOX को ऑक्सीज़न सिलिंडर भेजने में दिक्कत हो रही है। क्योंकि लोकल जिला प्रशासन, डीएम और एसएसपी वेंडर्स को दूसरे राज्य में ऑक्सीज़न सप्लाई करने से रोक रहे हैं।

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आपको बता दें कि कोरोना की दूसरी लहर ने दिल्ली में सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। हर दिन राज्य में 25 हज़ार से ज्यादा मामले दर्ज हो रहे हैं। ज्यादातर मामलों में मरीज़ को ऑक्सीज़न की ज़रुरत पड़ रही है। लेकिन ऑक्सीज़न की सप्लाई डिमांड के हिसाब से नहीं हो पा रही है।

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