Sharad Pawar: क्या शरद पवार करेंगे केन्द्र में नए विपक्ष की अगुवाई?

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तीन नए कृषि कानूनों के ख़िलाफ़ दिल्ली समेत पूरे देश में किसान आंदोलन कर रहे हैं। इस आंदोलन में किसानों के साथ-साथ तमाम विपक्षी पार्टियों ने भी नए कृषि कानूनों के ख़िलाफ़ सरकार को घेरा हुआ है। किसानों के विरोध के चलते देश का खोया हुआ विपक्ष एक बार फिर ख़बरों में बनता नज़र आ रहा है। केन्द्र में विपक्ष के नए स्वरुप को लेकर राजनितिक चहल पहल तेज़ हो गयी है, जिस वजह से राजनितिक विशेषज्ञों के मन में कई सवाल उठ रहे हैं। क्या केन्द्र में विपक्ष 2.0 की अगुवाई एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार(Sharad Pawar) करेंगे? हालांकि कांग्रेस और एनसीपी ने इस बात से इंकार किया है।

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आपको बता दें कि राहुल गाँधी(Rahul Gandhi), शरद पवार(Sharad Pawar), सीताराम येचुरी(Sitharam Yechury) समेत 5 विपक्षी नेताओं नें राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाक़ात की। इस मीटिंग में तीनों कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग की गयी। ध्यान देने वाली बात यह है कि राष्ट्रपति से मुलाकात और किसान आंदोलन में विपक्ष की पूरी रणनीति एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार और सीपीएम के सीताराम येचुरी ने मिलकर बनायी है। इस रणनीति पर विचार करने के लिए सभी चर्चा शरद पवार के आवास पर हुई थी । तब से राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा है कि क्या महाराष्ट्र वाली कहानी दिल्ली में भी दोहराई जाएगी? क्या केन्द्र में भी महाराष्ट्र के तर्ज पर विपक्ष का नया गठबंधन बनेगा? क्या शरद पवार इस नये गठबंधन की अगुवाई स्वयं करेंगे?

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सूत्रों के मुताबिक किसान आंदोलन पर चर्चा के दौरान एक कांग्रेस के नेता ने पवार(Sharad Pawar) को केन्द्र में विपक्ष के गठबंधन के अगुवाई की सलाह दी थी। यह सलाह महाराष्ट्र की गठबंधन सरकार की तर्ज़ पर दी गयी थी। मीटिंग में यह भी कहा कि सोनिया गांधी भी यही चाहती हैं और इसी के बाद दिल्ली की राजनीति सक्रिय हो गई।

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आपको बता दें कि 2019 में हुए महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में शिवसेना और भाजपा ने मिलकर चुनाव लड़ा था। जिसमें भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी लेकिन मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर दोनों पार्टियों में मतभेद हो गए। जिसके बाद शिवसेना ने एनसीपी और कांग्रेस के साथ मिलकर सरकार बनायी। माना जाता है कि महाराष्ट्र में इस महाविकास अघाडी सरकार बनाने में शरद पवार की अहम भूमिका रही थी। हालांकि कुछ दिन पहले शरद पवार ने राहुल गांधी के नेतृत्व की क्षमता पर टिप्पणी की थी जिसे लेकर कांग्रेस ने अपनी प्रतिक्रिया भी दी थी ।

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