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क्या है वन नेशन-वन राशन कार्ड स्कीम, जानिए आपकी थाली में क्या आएगा

PM Modi Address to nation lockdown extension
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केंद्र सरकार द्वारा घोषित 20 लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज के बारे में जब दूसरे दिन वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण ने योजनाओं की जानकारी दी, तो इसमें One Nation One Ration Card Scheme को लेकर भी अहम घोषणा की गई। इसके अनुसार One Nation One Ration Card Scheme को देश में लागू किया जाएगा और पीडीएस की 83% आबादी वाले 23 राज्यों में 67 करोड़ लाभार्थियों को अगस्त 2020 तक राष्ट्रीय पोर्टेबिलिटी द्वारा इस योजना के दायरे में कवर किया जाएगा।

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एक्ट (National Food Security Act) के तहत इस योजना के अंतर्गत आने वाले लोग देश की किसी भी उचित मूल्य की दुकान (Fair Price Shop) से एक ही राशन कार्ड की मदद से अनाज ले सकेंगे। योजना से इस साल 1 जनवरी को 12 राज्य जुड़ गए थे वहीं 5 और राज्यों के जुड़ने के बाद राज्यों की संख्या 17 हो गई है। ये सारे राज्य पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम (PDS) मैनेजमेंट से जुड़े हैं।

वन नेशन, वन राशन कार्ड योजना

वन नेशन, वन राशन कार्ड योजना अगस्त 2020 तक लागू होगी। इससे देश के किसी भी हिस्से में डिपो से राशन ले सकते हैं। मार्च 2021 तक शत प्रतिशत राष्ट्रीय पोर्टेबिलिटी कर ली जाएगा। मजदूर अपने हक का राशन देश के किसी भी डिपो से ले सकता है।  केन्द्र सरकार के खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय की एक राष्ट्र एक राशनकार्ड परियोजना के तहत राजस्थान को आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, गुजरात, महाराष्ट्र, हरियाणा, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, गोवा, झारखंड एवं त्रिपुरा के साथ जोड़ दिया गया है। इस येाजना के तहत राजस्थान अब तक सिर्फ हरियाणा से जुडा हुआ था।

राज्यों से कहा गया है कि वह 10 अंकों वाला राशन कार्ड जारी करें जिसमें पहले दो अंक राज्य कोड होगा। अगले अंक राशन कार्ड संख्या के अनुरूप होंगे। इसमें अगले दो अंक राशन कार्ड में परिवार के प्रत्येक सदस्य की पहचान के तौर पर शामिल होंगे। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून में 81.35 करोड़ लाभार्थियों के लक्ष्य के मुकाबले अब तक 75 करोड़ लाभार्थियों को शामिल किया गया है। राज्यों से कहा गया है कि वह मानक राशन कार्ड दो भाषाओं में जारी करें। एक स्थानीय भाषा के साथ ही इसमें दूसरी भाषा हिन्दी अथवा अंग्रेजी का इस्तेमाल करें।

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आर्थिक पैकेज की अन्य प्रमुख बातें

1

वन नेशन, वन राशन कार्ड योजना अगस्त 2020 तक लागू होगी। इससे देश के किसी भी हिस्से में डिपो से राशन ले सकते हैं। मार्च 2021 तक शत प्रतिशत राष्ट्रीय पोर्टेबिलिटी कर ली जाएगा। मजदूर अपने हक का राशन देश के किसी भी डिपो से ले सकता है। 

2

तीन माह लोन मोरेटोरियम सुविधा के साथ तीन करोड़ किसानों ने कुल 4.22 लाख करोड़ रुपये के कृषि लोन के लिए आवेदन किया। किसानों को ब्याज पर सहायता दी गई है। साथ ही 25 लाख नए किसान क्रेडिट कार्ड को मंजूरी दी गई है। किसानों को तीन महीने तक ब्याज में छूट का लाभ मिलेगा। 25 लाख नए किसानों को क्रेडिट कार्ड दिए गए हैं और किसानों के लिए पीएम किसान सम्मान निधि योजना भी लागू है। 

3

अगले दो महीने तक प्रवासी मजदूरों को मुफ्त अनाज दिया जाएगा। बिना कार्ड वाले प्रवासी मजदूर को 5 किलो अनाज और एक किलो चना प्रति परिवार दिया जाएगा। इस मद में 3500 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इससे 8 करोड़ प्रवासी मजदूरों को लाभ होगा। इसे लागू कराने की जिम्मेदारी राज्य सरकारों की होगी। 23 राज्यों के 63 करोड़ लोगों को इसका लाभ मिलेगा। 

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50 लाख रेहड़ी पटरी पर सामान बेचने वालों (स्ट्रीट वेंडर), घर में काम करने वालों को 5000 हजार करोड़ का कर्ज दिया जाएगा। इन्हें 2 से 10 हजार रुपये तक कर्ज की सुविधा मिलेगी। एक महीने के भीतर इस योजना को शुरू किया जाएगा। डिजिटल पेमेंट करने पर और कर्ज दिया जाएगा।    

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मध्यम आय वर्ग जिनकी कमाई सालाना 6 से 18 लाख रुपये तक है, उन्हें क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी का लाभ मिलेगा। ये मई 2017 से लागू हुई थी और मार्च 2020 तक बढ़ाया गया था। अब इसे मार्च 2021 तक बढ़ाया जा रहा है। इससे 3.3 लाख परिवारों को लाभ होगा। मध्यवर्ग मकान खरीद सकेगा और इससे रोजगार भी पैदा होगा। निर्माण का सामान जैसे सीमेंट, स्टील, ट्रांसपोर्ट की मांग बढ़ेगी। 

6

मनरेगा के तहत 13 मई तक रोजाना 14.62 करोड़ रोजगार सृजित किए गए। औसत मजदूरी को 182 रुपये से बढ़ाकर 202 रुपये किया गया। न्यूनतम मजदूरी में भेदभाव खत्म करेंगे। ये पूरे देश में एक जैसा हो, ये कोशिश करेंगे। वेतन देने के तरीके को सरलीकृत किया जाएगा।    

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