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G4 Virus: चीन में मिला एक और वायरस, फैला सकता है वैश्विक महामारी

One more deadly G4 Virus found in china
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एक ओर जहाँ चीन की देन कोरोनावायरस ने दुनिया भर में अपना कहर बरसाया हुआ है वहीं दूसरी ओर चीन में ही एक अन्य वायरस (G4 Virus) का पता चला है, जिसके बारे में वैज्ञानिक समुदाय दावा कर रहा है कि यह एक और वैश्विक महामारी का कारण बन सकता है। दरअसल, चीन में सुअरों के बीच पाए जा रहे फ्लू वायरस का एक नया प्रकार सूअर उद्योग से जुड़े कर्मचारियों को तेजी से प्रभावित कर रहा है। माना जा रहा है कि इस वायरस में वैश्विक महामारी वाली विशेषताएं हैं।

शोधकर्ताओं ने चीन के सूअरों में इन्फ्लुएंजा के एक नए स्ट्रेन का पता लगाया है जो मनुष्यों में संचरित हो सकता है और एक अन्य वैश्विक महामारी का रूप ले सकता है यह दावा अमेरिका के साइंस जर्नल प्रोसीडिंग्स ऑफ दि नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज (पीएलएएस) में प्रकाशित के एक अध्ययन में किया गया है। इस वायरस को जी4 (G4) नाम दिया गया है और यह 2009 में महामारी के कारण बने एच1एन1 वायरस में जेनेटिक बदलाव से बना है। 

ह्यूमन ट्रांसमिशन का कोई सबूत नहीं

शोधकर्ता इस बात से चिंतित हैं कि यह वायरस पहले ही म्यूटेट होकर जानवरों से मनुष्यों में न पहुंच चुका हो, लेकिन अभी तक इसके मनुष्य से मनुष्य में प्रसार को कोई सबूत नहीं मिला है। 
जी4 वायरस के संक्रमण के दो मामले साल 2016 और 2019 में सामने आए थे। इन मरीजों के पड़ोसी सूअर पालन करते थे। इनमें से पहले मरीज की आयु 46 साल और दूसरे की आयु नौ साल थी। ऐसे में यह सुझाव दिया जा रहा है कि जी4 वायरस सूअरों से मनुष्य में प्रसारित हो सकता है और गंभीर संक्रमण के साथ मृत्यु का कारण भी बन सकता है। 

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इस वायरस के लिए इंसानों में पहले से प्रतिरक्षा नहीं

यह वायरस एयरोसोल ट्रांसमिशन के माध्यम से फेरेट (नेवले की जाति का एक जानवर) को संक्रमित कर सकता है जिससे उनमें छींक, खांसी, सांस लेने में तकलीफ जैसे गंभीर लक्षण नजर आने के साथ ही उनके शरीर का 7.3 से 9.8 फीसदी द्रव्यमान के बराबर वजन कम हो सकता है। अध्ययन में यह भी पाया गया कि इंसान को अन्य इंफ्लुएंजा वैक्सीन से मिलने वाली रोग प्रतिरोधक क्षमता जी4 वायरस से नहीं बचा सकती। यह इस बात का संकेत है कि वायरस के प्रति शरीर में पहले से कोई प्रतिरक्षा मौजूद नहीं है।

वहीं, अमेरिका की हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के महामारीविद् एरिक फिग्ल डिंग ने ट्वीट किया कि यह वायरस अब तक सिर्फ सुअरों में है। उन्होंने ट्विटर पर कहा, ‘केवल दो मामले। और यह 2016 की उत्पत्ति वाला पुराना वायरस है। इंसान से इंसान में नहीं फैला है। सुअर उद्योग के 10 फीसदी लोगों में एंटीबॉडी मिलीं। कोई डराने वाली बात के साक्ष्य नहीं मिले हैं।’ बता दें कि डिंग इस अध्ययन से जुड़े नहीं हैं। 

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भारत में कोरोना का कहर

भारत में कोरोना दिन प्रति दिन बढ़ता ही जा रहा है, आज ये आंकड़ा 5,82,482 पर पहुंच गया है वहीं करीब 3,45,070 लोगों ने कोरोना को मात दी है और स्वस्थ हो कर अपने घर लौटे हैं लेकिन 17,322 लोगों की कोरोना के कारण मौत हो चुकी है।

Written by Jyoti Dubey, She is a final year Post Graduation student of Journalism and News Media from GGSIPU, New Delhi.

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