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ज्योतिरादित्य सिंधिया को पहना दी ‘बेशर्मी की माला’, देखते रह गए सुरक्षाकर्मी!

सिंधिया को अपने ही गढ़ में मिला बेशर्मी का ज्ञापन और माला !
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Ground Report | News Desk | Jyotiraditya Scindia | NSUI | भाजपा के युवा और मध्य प्रदेश के बड़े नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया की सुरक्षा में बड़ी चूक सामने आयी है। ग्वालियर में एयरपोर्ट जाते वक़्त उनके काफ़िले को रोक लिया गया और NSUI के कार्यकर्ताओं ने उन्हें बेशर्म के फूलों की माला पहना दी। इस बीच पुलिस केवल दर्शक की तरह वहां खड़ी रही।

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सुरक्षा के लिहाज़ से यह काफी गंभीर भी हो सकता था। सिंधिया के काफिले को गोला चौराहे पर लगभग 20 – 22 लोगों ने रोका, ज्ञापन दिया और उन्हें माला पहना दिया। सिंधिया को ज़ेड लेवल की सुरक्षा सरकार की तरफ से मिली हुई है, इन सब घटनाओ को लेकर सुरक्षा कमर्चारी पहले से खुद को अवगत रह कर सक्रियता दिखाते है पर कल की घटना में पुलिस महज़ दर्शकों की तरह सबकुछ देखती रही। ये घटना सिंधिया के गढ़ में हुई है, ऐसे में सुरक्षा में हुई इस सेंध ने काफी सवाल खड़े कर दिए है।

कांग्रेस के नेता अक्सर ज़ुबानी हमले कर सिंधिया | Jyotiraditya Scindia पर निशाना साधते रहते है पर इस बार कांग्रेस के छात्र संगठन NSUI ने सिंधिया को घेर लिया। हालाकिं सिंधिया ने NSUI द्वारा दिए गए ज्ञापन और माला को रख लिया और बिना कुछ कहे वहां से चले गए। NSUI का आरोप था की वह कोरोना महामारी की दूसरी लहर के वक़्त जनता की सेवा में दिखाई नहीं दिए और अब जैसे ही स्थिति ठीक हुई नज़र आ रही है तो सिंधिया वापिस अपने काफिले के साथ दिखने लगे हैं। NSUI के राष्ट्रीय संयोजक सचिन द्विवेदी ने ही उन्हें ज्ञापन देते हुए आरोप लगाया था की कोरोना के वक़्त जब NSUI के कार्यकर्ता सबकी मदद कर रहे थे तब सिंधिया ने उन सबको जेल क्यों भिजवा दिया था।

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सिंधिया अपनी छवि सुधारने के प्रयास में कई कोशिशें कर रहे है और अधिक से अधिक नेताओं से इसी के लिए मिल भी रहे हैं। हाल ही में सिंधिया ने अपने कट्टर विरोधी और दुश्मन के रूप में पहचाने जाने वाले जयभान सिंह पवैया से भी मुलाक़ात की। इससे पहले वह जयभान से अप्रैल में मिले थे जब पवैया के पिताजी की मृत्यु हुई थी। सिंधिया ने कहा की अतीत को छोड़ वर्तमान पर ध्यान देना चाहिए। ऐसा माना जाता है जयभान राजमाता विजयाराजे के करीबी थे पर माधवराव सिंधिया के कांग्रेसी होने के वजह से उनके और सिंधिया परिवार के बीच तकरार थी। जयभान बजरंग दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी रह चुके है। सिंधिया के भाजपा में शामिल होने की वजह से अब वापस रिश्ते सुधारना लाज़मी है।

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