‘कश्मीर फाइल्स’ से प्रभावित लोग..! बोले-अब हम जल्द ही मुसलमानों को मार डालेंगे

इस देश में ऐसा पहला बार नहीं है जब यहां बसने वाले मुसलमानों पर ज़ुल्म की हद पार की गई हो। जब कांग्रेस देश की सत्ता पर क़ाबिज़ थी। तब भी मुसलमानों को शिकार बनाया गया। आज बीजेपी दिल्ली की कुर्सी पर है। तब खुलेआम इस देश के मुसलमानों को पूरी तरह से हाशिए पर ढकेल दिया गया है। उनका नरसंहार करने को कहा जा रहा है। मकानों-दुकानों को चुन-चुनकर ढाहाया जा रहा है।

स्टेट पॉवर का ग़लत इस्तेमाल कर क़ानून-संविधान का मज़ाक बनाया जा रहा है। बहुसंख्यक आबादी को ये अहसास कराया जा रहा है कि यहां बसने वाला मुसलमान इस मुल्क का नागरिक है ही नहीं। शायद ही अब ऐसा कोई दिन गुज़रता हो जब मुल्क में मुसलमानों पर हमले की ख़बर न आती हो।

हालही में 16 अप्रैल हनुमान जयंती के दिन उत्तराखंड के रुड़की ज़िले के दादा जलालपुर गांव में एक शोभायात्रा के दौरान हुए विवाद के बाद हंगामा मुसलमानों को भगवानपुर क्षेत्र छोडकर जाने को मजबूर हो गए। जो बचे रह गए हैं, उनका कहना है कि वे लगातार डर के साये में जी रहे हैं।

‘कश्मीर फाइल्स’ देखकर हुए प्रभावित

हिंदूवादी संगठन और नेताओं ने मुसलमानों के खिलाफ एक मोर्चा सा खोल रखा है। बस्तियों पर   बुलडोजर चलाने और धर्म संसद का आयोजन कर नरसंहार करने जैसी बातें हो रही हैं। हिंदुत्ववादी नेताओं ने कथित तौर पर उनकी मांगें नहीं माने जाने और मुसलमानों को जेल में नहीं डालने पर बड़े पैमाने पर प्रदर्शन करने की धमकी दी है।

मुस्लिम इलाके के बाहर प्रशासन बुलडोजर लेकर पहुंच गया। कुछ मुस्लिमों को कथित तौर पर आत्मसमर्पण करने के लिए कहा गया। लेकिन किसी घर को नहीं तोड़ा गया है। डर बनाने के लिए बुलडोज़र लाने की बात कही गई। इस बीच हिंदुत्ववादी नेता काली सेना संगठन के दिनेशानंद भारती, प्रशासन को ‘पत्थरबाजों’ को गिरफ्तार करने संबंधी अल्टीमेटम देते नज़र आए।

द वायर की एक रिपोर्ट के मुताबिक़, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े नवीन ने घटना का ज़िक्र करते हुए बताया-  ‘द कश्मीर फाइल्स’ फिल्म ने उन्हें अपने अधिकारों के लिए लड़ने को उत्साहित किया।

नवीन कहते हैं, ‘फिल्म ने मुझे बहुत प्रेरित किया, मेरी आंखों में आंसू आ गए।’ उन्होंने आगे कहा कि हिंदुओं को भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने के अपने सपने को साकार करने के लिए जागने की ज़रूरत है। हम उत्साहित थे, हम उनके खिलाफ गाने बजा रहे थे, पुलिस और प्रशासन हमारे साथ था और हमने पूरे जोश के साथ यात्रा निकाली।’

‘देश का युवा जाग गया है। अब हम उन्हें मार डालेंगे’

सोनू सैनी ने द वायर से बात करते हुए बताया, ‘वे अभी सिर्फ गांव छोड़ रहे हैं, जल्द ही वो दिन आएगा जब वो देश भी छोड़ देंगे। अब हमें हिंसा का सहारा लेना पड़ेगा, सिर्फ बातचीत से कुछ हासिल नहीं होगा। देश का युवा जाग गया है। अब हम उन्हें मार डालेंगे।’

सोनू की योजना यहीं खत्म नहीं होती। वे आगे कहते हैं, ‘उनके राशन कार्ड छीन लेना चाहिए, वोटर आईडी छीन ली जानी चाहिए। हम यह खुलकर आपके सामने कह रहे हैं।’

आपको बता दें कि बीते 16 अप्रैल की रात भगवानपुर क्षेत्र के तीन समीपवर्ती गांवों दादा पट्टी, दादा हसनपुर और दादा जलालपुर के निवासियों ने हनुमान जयंती के अवसर पर जुलूस निकाला।

उस रात के सोशल मीडिया पर शेयर किए गए वीडियो दिखाते हैं कि मस्जिद से गुजरते हुए युवकों की भीड़ लाठी लेकर, तेज संगीत बजाते हुए और सांप्रदायिक नारे लगाते हुए दिखाई दे रही है।वीडियो फुटेज दिखाती है कि जैसे ही जुलूस गांव में आगे बढ़ा पथराव और भगदड़ होने लगी।

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